SBI की रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, कोरोना की दूसरी लहर की तरह घातक हो सकती है थर्ड वेव
नई दिल्ली, 02 जून। देश अभी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से उबरा भी नहीं कि महामारी की तीसरी लहर की भयावहता हो लेकर चेतावनियां दी जाने लगी हैं। लॉकडाउन के सहारे महामारी की पहली लहर का सामना बखूबी करने वाले भारत में कोविड की दूसरी लहर ने तबाही मचा दी। पिछले कुछ महीने में कोरोना से इतनी मौतें हुईं जितनी बीते एक साल में भी नहीं हुई थी। अब तीसरी लहर को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की Ecowrap रिपोर्ट में कहा गया है कि जानलेवा महामारी की दूसरी लहर से भी घातक तीसरी लहर हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड की तीसरी लहर का असर देश में 97 दिनों तक यानी तीन महीने से भी ज्यादा समय तक रह सकता है। पांच पन्नों की रिपोर्ट में कोरोना वायरस की थर्ड वेव को लेकर काफी कुछ संभावनाएं जताई गई हैं। इसमें कहा गया है कि अगर देश तीसरी लहर के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहे तो गंभीर मामले जिन्हें ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है, ऐसे मामलों की दर में गिरावट आएगी।
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एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आंकलन किया कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर 108 दिनों तक रही जबकि तीसरी लहर 98 दिनों तक रह सकती है। बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और कोविड वैक्सीन में तेजी के सहारे तीसरी लहर में गंभीर मामलों के आंकड़े को 20 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत तक लाया जा सकता है। इस तैयारी के साथ कोरोना वायरस से होने मौतों की संख्या वर्तमान की तुलना में 40,000 तक कम हो सकती है। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। 12-18 आयु वर्ग में लगभग 150-170 मिलियन बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए विकसित देशों द्वारा अपनाई गई पर विचार करने की आवश्यकता है।












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