राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बताया, कश्मीर में क्या हैं ताजा हालात?

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में लगातार तेज होती गतिविधियों के बीच सूबे के राज्यपाल ने मौजूदा हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सब सामान्य है।यहां केवल अफवाह फैलाने का काम काम हो रहा है। जो हो रहा है वो यहां नियमित बात है। उन्होंने कहा कि अगर आप लाल चौक पर छींकते हैं, तो वो यहां विस्फोट हो जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा अपने हित साधने के लिए ये माहौल बनाया जा रहा है।

उमर अब्दुल्ला से मुलाकात पर क्या कहा?

उमर अब्दुल्ला से मुलाकात पर क्या कहा?

नेशनल कांफ्रेस के नेता और अन्य से मुलाकात पर गवर्नर ने कहा कि वो बैठक में संतुष्ट होकर गए हैं। उन्होंने मुझसे जो कुछ भी उम्मीद की थी, वो मैंने पूरी की। जहां तक मुझे पता है कि यहां कुछ नहीं होने वाला है। मैं कल के बारे में नहीं जानता हूं। वह मेरे हाथ में नहीं है। लेकिन आज तक चिंता की कोई बात नहीं है।

'कुछ भी चुपके से नहीं होगा'

उन्होंने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है। अगले तीन चार दिन और संसद चलेगी। इसलिए जो कुछ भी होगा वो छिपाकर नहीं होगा। जो होगा संसद में होगा, वहां चर्चा होगी, इसलिए ऐसी कोई वजह नहीं है कि अफवाह फैलाई जाए। सोमवार,मंगलवार तक इंतजार करिए और उसके बाद कुछ कहिए। आज तक मुझे कोई जानकारी नहीं है, मैने दिल्ली में हर किसी से बात की है और किसी ने भी मुझे कोई संकेत नहीं दिया है। कोई कह रहा है कि तीन हिस्सों में बांटा जाएगा, कोई कह रहा है आर्टिकल 370, कोई आर्टिकल 35ए। मेरे साथ किसी ने भी कोई ऐसी चर्चा है कि चाहे वो प्रधानमंत्री हो या गृह मंत्री।

सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी पर क्या बोले?

सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी पर कहा कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की जिम्मेदारी हमारी है। यहां सीमा पार करने के लिए बहुत सारे आतंकवादी सीमा पार में बैठे हैं और उनमें से अधिकतर आत्मघाती हैं। अगर कुछ होता है, तो पूरे देश में इसका असर पड़ेगा। हम उससे बचना चाहते हैं।

उमर अब्दुल्ला ने जताया अंदेशा

उमर अब्दुल्ला ने जताया अंदेशा

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से शनिवार को मुलाकात के बाद कहा कि राज्यपाल के शब्द जम्मू-कश्मीर पर अंतिम शब्द नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर पर अंतिम शब्द भारत सरकार के हैं। इससे अधिक राज्यपाल जो भी कुछ भी सार्वजनिक रूप से बताते हैं, हम निश्चित तौर पर भारत सरकार से सार्वजनिक तौर पर सुनना चाहते हैं कि लोगों के लिए चिंता करने की बात नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब सोमवार को संसद में कार्यवाही शुरु होगी तो केंद्र सरकार बयान जारी करके बताए कि अमरनाथ यात्रा रोकने के आदेश और यात्रियों को कश्मीर छोड़ने के क्यों कहा गया?

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