Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sarla Maheshwari Caste: किस जाति से थीं सरला माहेश्वरी? खामोश हुई तीन दशक तक DD पर राज करने वाली आवाज

Sarla Maheshwari Caste: भारतीय पत्रकारिता और दूरदर्शन के इतिहास में एक युग का अंत हो गया है। दूरदर्शन की जानी-मानी वरिष्ठ न्यूज एंकर सरला माहेश्वरी अब हमारे बीच नहीं रहीं। 71 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे मीडिया जगत और उनके पुराने दर्शकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

1970 के दशक से अपनी यात्रा शुरू करने वाली सरला जी केवल एक एंकर नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए भरोसे का चेहरा थीं। उनका निधन पत्रकारिता के उस दौर की समाप्ति है जहां सादगी, शुद्ध उच्चारण और संयम ही पत्रकार की असली पहचान होती थी।

Sarla Maheshwari Caste

किस जाति-समुदाय से थीं सरला माहेश्वरी?

सरला माहेश्वरी का संबंध राजस्थान की जड़ों वाले प्रमुख हिंदू व्यापारिक समुदाय माहेश्वरी (बनिया/वैश्य) से था। माहेश्वरी समाज पारंपरिक रूप से अपनी व्यापारिक कुशलता, भगवान शिव और माता माहेश्वरी के प्रति अटूट श्रद्धा और मारवाड़ क्षेत्र की मजबूत सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।

तीन दशकों का गौरवशाली सफर

सरला जी ने 1976 में दूरदर्शन के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने बच्चों के कार्यक्रमों के लिए लेखन भी किया, जिसने उनकी भाषा और संवेदनशीलता को और भी निखारा।

ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन प्रसारण तक की गवाह

सरला जी ने टेलीविजन के उस बदलाव को करीब से देखा जिसे आज की पीढ़ी केवल किताबों में पढ़ती है:

तकनीकी बदलाव: उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट टीवी के दौर से लेकर रंगीन (कलर) टेलीकास्ट तक के सफर को जिया।

ऐतिहासिक क्षण: मई 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसी दुखद और बड़ी खबर देश तक पहुंचाने वाली आवाज भी सरला माहेश्वरी की ही थी।

प्रस्तुति शैली: उनका साफ उच्चारण और शांत स्वभाव उन्हें अन्य एंकरों से अलग खड़ा करता था। दर्शक अक्सर कहते थे कि उनकी सधी हुई प्रस्तुति सीधे दिल तक पहुंचती थी।

सरला माहेश्वरी: गरिमा और सादगी की मिसाल

तीन दशक से भी लंबे करियर में सरला जी ने हमेशा मर्यादा और संयम को प्राथमिकता दी। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने अपने परिवार को प्राथमिकता देते हुए फील्ड रिपोर्टिंग और बाहरी कवरेज को कम कर दिया, लेकिन स्टूडियो से खबरों को पेश करने का उनका अंदाज कभी फीका नहीं पड़ा।

दूरदर्शन और दर्शकों की भावभीनी श्रद्धांजलि

दूरदर्शन परिवार ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी गरिमा और मधुर आवाज से दर्शकों का अटूट विश्वास जीता। सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसकों का तांता लगा हुआ है, जहां लोग उनके पुराने वीडियो साझा कर उन्हें नमन कर रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने लिखा कि सरला जी की आवाज सुनकर ही उन्हें खबरों की गंभीरता और संवेदनशीलता का बोध होता था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+