संयुक्त किसान मोर्चा की PM मोदी को चिट्ठी, आंदोलन खत्म करने के लिए रखी ये छह मांग

नई दिल्ली, 21 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने उनको चिट्ठी लिखी है। पीएम ने शुक्रवार को किसानों से धरना खत्म कर घर लौटने को कहा था। जिसके बाद किसानों ने कहा कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा क्योंकि हमारी दूसरी मागों पर भी गौर हो। रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने ये चिट्ठी लिखी है, जिसमें प्रधानमंत्री के कानून वापसी के फैसले पर संतोष जताया गया है और अपनी 6 मांगे रखी हैं।

राष्ट्र के नाम आपका संदेश, आपके नाम किसानों का संदेश

राष्ट्र के नाम आपका संदेश, आपके नाम किसानों का संदेश

संयुक्त किसान मोर्चा ने इस पत्र का विषय 'राष्ट्र के नाम आपका संदेश और आपके नाम किसानों का संदेश' रखा है। पत्र में मोर्चे ने कहा है कि किसानों के साथ द्विपक्षीय समाधान के बजाय आपने एकतरफा घोषणा का रास्ता चुना लेकिन हमें खुशी है कि आपने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया। आप जानते ही हैं कि कानून वापसी के अलावा भी हमारी कई मांगे हैं, जिनको हमने सरकार के साथ बातचीत में भी उठाया था।

किसान मोर्चा की हैं 6 मांग

किसान मोर्चा की हैं 6 मांग

संयुक्त किसान मोर्चा ने पत्र में तीन पुरानीं मांगे प्रधानमंत्री के सामने रखी हैं-

  • खेती की संपूर्ण लागत पर आधारित (C2+50%) न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को सभी कृषि उपज के ऊपर किसानों का कानूनी हक बनाया जाए।
  • सरकार द्वारा प्रस्तावित "विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक, 2020/2021" का ड्राफ्ट वापस लिया जाए।
  • "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम, 2021" में किसानों को सजा देने के प्रावधान हटाए जाए।

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    आंदोलन के दौरान की तीन मांगे-

    आंदोलन के दौरान की तीन मांगे-

    पत्र में आंदोलन के दौरान की घटनाओं को लेकर ये तीन मांगे की गई हैं-

    • दिल्ली, हरियाणा और दूसरे राज्यों में हजारों किसानों को इस आंदोलन के दौरान (जून 2020 से अब तक) सैकड़ों मुकदमो में फंसाया गया है, ये केस को वापस लिए जाएं।
    • लखीमपुर खीरी हत्याकांड के सूत्रधार और सेक्शन 120B के अभियुक्त अजय मिश्रा टेनी आज भी खुले घूम रहे हैं। उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त और गिरफ्तार किया जाए।
    • इस आंदोलन के दौरान शहीद हुए 700 किसानों के परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था हो। साथ ही शहीद किसानों स्मृति में एक शहीद स्मारक बनाने के लिए सिंधू बॉर्डर पर जमीन दी जाए।

    पीएम साब, हमें सड़क बैठने का कोई शौक नहीं

    आगे चिट्ठी में लिखा गया है- प्रधानमंत्री जी, आपने किसानों से अपील की है कि अब हम घर वापस चले जाए। हम आपको यकीन दिलाना चाहते हैं कि हमें सड़क पर बैठने का शौक नहीं है। बाकी मुद्दों का निपटारा कर हम अपने घर, परिवार और खेती बाड़ी में वापस लौटना चाहते हैं। आप भी यही चाहते हैं तो सरकार इन मुद्दों पर तुरंत ही संयुक्त किसान मोर्चा के साथ वार्ता शुरू करे। तब तक संयुक्त किसान मोर्चा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक इस आंदोलन को जारी रखेगा।

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