कभी अलगाववादी रहे सज्जाद लोन क्या बनेंगे बीजेपी का सहारा?
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों का दिन आ ही गया और जो रूझान आ रहे हैं, वह अगर सही साबित हुए तो पहली बार घाटी में कमल बड़े स्तर पर खिल सकेगा। बीजेपी के लिए यह मौका एतिहासिक होगा।

वहीं इन्हीं नतीजों में जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता से मुख्यधारा की राजनीति में वापस आए कश्मीरी राजनेता सज्जाद लोन हंदवाड़ा की अपनी सीट से आगे चल रहे हैं। बीजेपी के साथ सज्जाद लोन का जिक्र यहां पर हम किसी वजह से कर रहे हैं।
बड़े रोल में होंगे सज्जाद
अगर आपको याद हो तो चुनावों से पहले सज्जाद लोन दिल्लल जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे और सज्जाद ने उन्हें अपने बड़े भाई की तरह करार दे डाला था। सज्जाद और मोदी की इस मुलाकात के बाद कई लोगों की निगाहें तिरछी हो गई थीं।
अगर जम्मू कश्मीर में अगर बीजेपी का सरकार बनाने की ओर बढ़ती है तो सज्जाद हो सकता है एक निर्णायक भूमिका में नजर आएं। सज्जाद ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। उनकी पार्टी को पीपुल्स कांफ्रेंस के नाम से जाना जाता है जिसे उनके पिता अब्दुल गनी लोन ने बनाया था।
पीपुल्स कांफ्रेंस जम्मू कश्मीर में कुपवाड़ा और हंदवाड़ा की 12 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है। ऐसे में साफ है कि कहीं न कहीं वह अपनी पार्टी के साथ बीजेपी के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं।
सज्जाद की एक कसम
सज्जाद सज्जाद ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनावों के दौरान जब सज्जाद के पिता एक चुनावी रैली कर रहे थे उनके पिता की हत्या कर दी गई थी।
सज्जाद ने बतौर अलगाववादी नेता एक बार कसम खाई थी कि वह कभी भी भारतीय संविधान के तहत शपथ नहीं लेंगे। वह अक्सर कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से भी इंकार कर देते थे। लेकिन आज उनका रुख पूरी तरह से बदल चुका है।
राजनीति के विशेषज्ञ भी सज्जाद को देखने के बाद अब उनकी तारीफ करने से नहीं चूकते हैं। आज सज्जाद जहां कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हैं तो वहीं चुनाव जीतने के बाद भारत के संविधान का भी सम्मान करने लगे हैं।
मोदी के मुरीद हैं सज्जाद
सज्जाद जो मोदी को अपने बड़े भाई के तौर पर देखते हैं वह नरेंद्र मोदी के काफी मुरीद हैं। सज्जाद के मुताबिक मोदी एक बेहतर इंसान हैं। जब वह उनसे मिले थे तो इस बात को लेकर काफी देर तक हैरान रह गए कि इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति इतना विनम्र कैसे हो सकता है।
सज्जाद को जम्मू कश्मीर के लिए मोदी से काफी उम्मीदें हैं। वह कहते हैं कि मोदी एक ऐसे नेता हैं जो राज्य में इनवेस्टमेंट और रोजगार ला सकते हैं। सज्जाद लोन की शादी पाकिस्तान के अहम अलगाववादी नेता अमानुल्ला खान की बेटी आस्मां खान से हुई है। अमानुल्ला खान ने ही जम्मू एंड कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट की स्थापना की थी। वहीं उनके बड़े भाई बिलाल हुर्रियत कांफ्रेंस का अहम हिस्सा हैं।












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