दिग्गज बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल बीजेपी में शामिल, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें
नई दिल्ली। देश की स्टार बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल आज बीजेपी में शामिल हो गई हैं। बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में साइना नेहवाल ने पार्टी की सदस्यता ली। आपको बता दें कि साइना ने बैडमिंटन में ऐसी उपलब्धियां प्राप्त की हैं, जो उनसे पहले कोई भारतीय महिला खिलाड़ी नहीं कर पाईं हैं। साल 2012 में लंदन ओलंपिक में सायना ने कांस्य पदक भी जीता था। साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं हैं। उनका विवाह बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप से हुआ है। भारत में बैडमिंटन खेल में बढ़ती प्रसिद्धि का क्रेडिट भी साइना नेहवाल को ही दिया जाता है। आज जब साइना नेहवाल राजनीति में कदम रखने जा रही है तो आइए आपको उनकी जिंदगी और उनके करियर जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।

हिसार में हुआ साइना का जन्म, मां-बाप भी खेल चुके हैं स्टेट लेवल बैडमिंटन
साइना नेहाल हरियाणा राज्य के हिसार में रहने वाले एक जाट परिवार में जन्मीं हैं। उनके पिता हरवीर सिंह, हरियाणा की एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में काम करते हैं, जबकि उनकी माता उषा रानी, भी साइना की तरह की एक बैडमिंटन खिलाड़ी थी, वे स्टेट लेवल पर बैडमिंटन खेला करती थीं। साइना के पिता भी बैडमिंटन के स्टेट लेवल के बेहतरीन खिलाड़ी रह चुके हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि साइना को बैडमिंटन खेल की अद्भुत प्रतिभा उनके माता-पिता से विरासत में मिली है।

कराटे में भी ब्राउन बेल्ट पा चुकी हैं साइना नेहवाल
नेहवाल ने अपनी स्कूल की पढ़ाई की शुरुआत हरियाणा के हिसार के एक स्कूल से की थी, लेकिन उनके पिता का हैदराबाद ट्रांसफर हो जाने की वजह से उनके पूरे परिवार को हैदराबाद शिफ्ट होना पड़ा था। इसके बाद साइना ने अपनी 10 वीं की पढ़ाई फॉर्म सेंट ऐनी कॉलेज मेहदीपत्तनम, हैदराबाद से पास की है। साइना एक पढ़ने वाली छात्रा भी थी इसके साथ ही वे खेल गतिविधियों में भी अपने स्कूल में काफी एक्टिव रहती थीं। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान कराटे भी सीखे थे, उन्हें इसमें ब्राउन बेल्ट भी मिला हुआ है।

साइना को मिला पिता का पूरा साथ तब जाकर हासिल किया ये मुकाम
साइना नेहवाल बेहद कम उम्र से ही बैडमिंटन खेलने में दिलचस्पी लेने लगी थीं, उनके पिता भी हमेशा से ही साइना को दुनिया के एक सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन प्लेयर बनाना चाहते थे, इसलिए उनके पिता साइना को स्कूल जाने से पहले रोजाना सुबह 4 बजे उठाकर उन्हें घंटों बैडमिंटन की प्रैक्टिस करवाने के लिए ले जाते थे। इसके बाद साइना के पिता ने उन्हें प्रोफेशनल बैडमिंटन खेलने की ट्रेनिंग देने का फैसला लिया और इसके बाद हैदराबाद के लाल बहादुर खेल स्टेडियम में साइना नेहवाल बैडमिंटन के कोच नानी प्रसाद से मिलीं और फिर वे उन्हीं से बैडमिंटन खेलने की ट्रेनिंग लेने लगीं। साइन को नानी प्रसाद से बैडमिंटन खेल के कुछ अद्भुत क्रियाएं सीखने को मिली, जिन्हें वे आज तक अपनाती हैं।

कोच गीपीचंद ने साइना के खेल को निखारा
वहीं इसके कुछ समय बाद बेस्ट बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने देश के जाने माने एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच एसएम आरिफ" से बैडमिंटन के गुर सीखे। फिर अपनी बैडमिंटन खेल टैलेंट को और अधिक निखारने के लिए साइना ने हैदराबाद की पुल्लेला गोपीचंद एकेडमी ज्वाइन कर ली, जहां साइना ने देश के सार्वधिक लोकप्रिय बैडमिंटन खिलाड़ी एवं कोच गोपीचंद जी से बैडमिंटन खेलने का हुनर सीखा। वहीं गोपीचंद जी ने भी साइना नेहवाल का सही मार्गदर्शन देकर उनकी खेला प्रतिभा को उभारने में मद्द की और उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। साइना नेहवाल, पदश्री सम्मान से सम्मानित किए जा चुके कोच गीपीचंद जी को अपने मेंटोर भी मानती हैं।

दुनिया की नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी हैं साइना नेहवाल
साइना नेहवाल भारत की सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, उनकी गिनती दुनिया की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों में होती है। वे काफी लंबे समय तक दुनिया की नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी रहने का गौरव भी प्राप्त है। नेहवाल ने जब से अपने बैडमिंटन खेल में करियर की शुरुआत की है, तब से अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा से लोगों के दिल में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं, और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

साइना नेहवाल को मिला ये सम्मान
- साल 2016 में साइना नेहवाल को भारत के सर्वोच्च सम्मान में से एक पदम भूषण सम्मान से पुरस्कृत किया गया।
- साल 2009-2010 में खेल जगत का सबड़े बड़ा और प्रतिष्ठित पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया।
- साल 2010 में भारत के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री से नवाजा गया।
- साल 2009 में साइना नेहवाल को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
- साल 2008 में साइना नेहवाल को बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन द्धारा साल की सबसे बेहतरीन और प्रतिभावान खिलाड़ी का दर्जा दिया गया।

साइना नेहवाल की अबतक की बड़ी उपलब्धियां
साइना अब तक कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। वे विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन विजेता रह चुकी हैं। ओलिम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का कांस्य पदक जीतने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2006 में एशियाई सैटलाइट प्रतियोगिता भी जीती है। उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई थी। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्ष 2015 में नई दिल्ली को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में विश्व चैम्पियन जापान की युई हाशिमोतो को 44 मिनट में 21-15,21-11 से हराने के साथ ही दुनिया की शीर्ष वरीय खिलाड़ी बनी और फाइनल मैच में थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन को हराकर 29 मार्च 2015 को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट की महिला एकल ख़िताब की विजेता बनीं। अप्रैल 2015 में आधिकारिक रूप से उनकी विश्व रैंकिंग 1 घोषित की गईं। इस मुकाम तक पहुंचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

साइना नेहवाल की शादी
भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल, 14 दिसंबर साल 2018 को मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप के साथ शादी के बंधन में बंधी हैं। शादी से पहले दोनों बेहद अच्छे दोस्त थे और फिर धीरे-धीरे उनकी दोस्ती,प्यार में बदल गई और दोनों से शादी करने का फैसला लिया।












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