गौड़ा को लॉ-स्टेशन पर उतराकर मोदी ने किया रेल मंत्रालय 'प्रभु' के भरोसे
नई दिल्ली। रविवार को पीएम मोदी के कैबिनेट का विस्तार हुआ है लेकिन इस विस्तार में लोगों को सबसे चौंकाने वाली बात तब लगी जब रेल मंत्री सदानंद गौड़ा को रेल मंत्रालय से हटाकर कानून मंत्रालय पहुंचा दिया गया और उनकी जगह शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए सुरेश प्रभु को रेल का इंचार्ज बना दिया गया।

कहा जा रहा है कि गौड़ा के काम से मोदी बिल्कुल खुश नहीं थे क्योंकि मंत्री बनाये जाने के बाद पीएम मोदी की तरफ से 30 कामों की लिस्ट रेलमंत्रालय को भेजी गई थी जिसमें से एक भी काम गौड़ा ने पूरा नहीं किया, जो कि एक बड़ी मोदी की नाराजगी की वजह थी। कहा जा रहा है कि जो 30 कामों की लिस्ट गौड़ा को दी गई थी उनमें मधेपुरा और मथुरा में लोकोमोटिव फैक्टरी की स्थापना, रेलवे में एफडीआई लाना और ट्रेनों व स्टेशनों पर वाईफाई जैसी बातें शामिल थीं।
गौड़ा के काम से खुश नहीं थे मोदी इसलिए रेल-मंत्रालय छीना!
लेकिन इनमें से एक भी काम गौड़ा ने नहीं किया इसके अलावा सदानंद गौड़ा पिछले दिनों अपने निजी लाइफ की वजह से काफी चर्चा में रहें। उनके बेटे कार्तिक के ऊपर कर्नाटक की मॉडल-अभिनेत्री ने यौन शोषण जैसे घिनौने काम का आरोप लगाया जिसकी वजह से गौड़ा समेत भाजपा की काफी किरकिरी हुई , जो भी एक खास वजर रही गौड़ा की रेलमंत्रालय से छुट्टी की।
वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अब रेल की कमान सुरेश प्रभु को सौंपी है। सुरेश प्रभु ने शपथ ग्रहण से पहले ही शिवसेना से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। उन्हें हरियाणा से राज्यसभा सदस्य बनाया जा सकता है।
इसके पहले शिव सेना के सूत्रों ने कहा था कि प्रभु को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से पार्टी खुश नहीं है, क्योंकि पार्टी महसूस करती है कि उसके पास कहीं अधिक काबिल नेता हैं।लेकिन प्रभु ने शपथ ग्रहण किया यही नहीं प्रभु को, ब्रिसबेन में आयोजित आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन में मोदी की मदद के लिए शेरपा नियुक्त किया गया है।
कहा जा रहा है कि सुरेश प्रभु पीएम मोदी के बहुत विश्वासपात्र हैं उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करके मोदी ने शिवसेना को भाजपा की ताकत का भी एहसास कर दिया है वहीं सुरेश प्रभु की छवि एक ईमानदार और मेहनती नेता की रही है और मोदी मंत्रालय को लगता है कि एक जुझारू नेता ही भारतीय रेल की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकता है। फिलहाल देखते हैं कि गौड़ा को हटाकर प्रभु के भरोसे चलने वाली भारतीय रेल की कसौटी पर सुरेश कितना खरा उतरते हैं।












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