SC का सवाल, पीरियड्स से कैसे जुड़ी है महिलाओं की शुद्धता?

नयी दिल्ली। केरल की प्रसिद्ध सबरीमाल मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर की गई जनहित याचिका के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा सवाल किया, जिसने महिलाओं के मंदिरों में प्रवेश पर बैन लगाने वालों का मुंह बंद कर दिया। मासिक-धर्म पर हो चर्चा इसलिए दीवारों पर चिपका दिये सैनेटरी-पैडस

supreme court

आपको बता दें कि केस की सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर प्रशासन ने दलील दी कि महिलाएं माहवारी के दौरान पूजा नहीं कर सकती हैं, इसलिए उन्हें पुरुषों के समान नहीं माना जा सकता है। इस दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर बोर्ड से कहा कि पुरुषों के लिए जो भी मापदंड तय करते हैं, वही महिलाओं पर भी लागू करें। जब DU की छात्रा ने मार्क जुकरबर्ग से पूछा पीरियड्स पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर मंदिर बोर्ड ने दलील दी कि वो ऐसा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें माहवारी होती है। महिलाएं उन दिनों में पूजा नहीं कर सकतीं। मंदिर बोर्ड के वकील की इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या आप माहवारी को महिलाओं की शुद्धता से जोड़ रहे हैं? फीमेल कर्मचारियों के लिए अनोखी पहल, मिलती है पीरियड्स लीव

क्या शरीर की अवस्था को भेदभाव की पूर्व शर्त बनाया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महवारी एक शारीरिक प्रकिक्रिया है तो क्या महिलाओं की मंदिर में एंट्री के लिए बायोलॉजिकल फेनॉमेनन एक शर्त हो सकती है? आपको बता दें सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंद्ध है। जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+