Sabarimala Gold Theft Case:सबरीमाला मंदिर केस में 3 राज्यों में ED की रेड, कितना है भगवान अयप्पा के पास खजाना?
Sabarimala Gold Theft Case: केरल की पहाड़ियों में स्थित भगवान अयप्पा का धाम 'सबरीमाला' इस समय अपनी पवित्रता के साथ-साथ एक गंभीर वित्तीय विवाद को लेकर सुर्खियों में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 20 जनवरी को इस मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पट्टी, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे।
क्या है सबरीमाला सोमा चोरी विवाद, कैसे शुरु हुआ पूरा मामला, कौन हैं वो द्वारपालक और मंदिर के पास कितना है सोना विस्तार जानिए...

Sabarimala Gold Case ED Raids 2026: क्या है सबरीमाला सोना चोरी विवाद?
इस विवाद की जड़ें 1998-99 तक जाती हैं, जब भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर को 30.3 किलोग्राम सोना और लगभग 1,900 किलो तांबा दान किया था। इस सोने का उपयोग मंदिर के गर्भगृह (Sreekovil) के दरवाजों और अन्य हिस्सों की स्वर्ण परत (Gold Plating) चढ़ाने के लिए किया गया था।
विवाद 2019 में भड़का: जब मंदिर की मरम्मत के नाम पर 42.8 किलो सोने की परत वाली मूर्तियां और पैनल चेन्नई की एक निजी फर्म 'स्मार्ट क्रिएशन्स' को भेजे गए। मरम्मत के बाद जब ये वस्तुएं लौटीं, तो इनका वजन 4.5 किलो कम पाया गया। आरोप है कि केमिकल प्रोसेस के जरिए सोना निकाल लिया गया और उसे कर्नाटक के बेल्लारी में एक जौहरी को बेच दिया गया।
Who is Lord Ayyappa: कौन हैं द्वारपालक और क्या है उनका महत्व?
सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर दो रक्षक मूर्तियां स्थापित हैं, जिन्हें 'द्वारपालक' कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये द्वारपालक भगवान अयप्पा के रक्षक माने जाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि ये मंदिर की संपत्ति और पवित्रता की रक्षा करते हैं।
विजय माल्या द्वारा दान किए गए सोने का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 1.5 किलो) इन्हीं द्वारपालक मूर्तियों और उनके आधार (Peedam) पर चढ़ा था। जांच में सामने आया कि इन मूर्तियों से सोने की परत जानबूझकर हटाई गई और रिकॉर्ड में इन्हें केवल 'तांबा' दर्ज कर दिया गया। हाल ही में सुरक्षा ऑडिट के बाद, इन द्वारपालकों पर फिर से शुद्ध सोने की परत चढ़ाई गई है ताकि भक्तों की आस्था बनी रहे।
Sabarimala Temple Net Worth 2026: मंदिर के पास कितना है सोना?
सबरीमाला मंदिर दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है। हालांकि सुरक्षा कारणों से इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के अनुसार- लगभग 227 किलोग्राम है इसमें आभूषण, सिक्के और दान की गई वस्तुएं शामिल हैं। चांदी लगभग 2,994 किलोग्राम है। इसके अलावा एक तिरुवभरणम भी है जो भगवान अयप्पा का विशेष स्वर्ण आभूषण है जो पंडालम पैलेस की सुरक्षा में रहते हैं और केवल 'मकरविलक्कु' उत्सव के दौरान मंदिर लाए जाते हैं।
जांच में क्या-क्या हुआ? अब तक 13 गिरफ्तारियां
इस घोटाले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शामिल बड़े नाम हैं-
उन्नीकृष्णन पट्ट: मुख्य आरोपी और पूर्व सहायक पुजारी, जिसे मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
कंदरारू राजीवरु (मुख्य पुजारी/तंत्री): इन पर "आपराधिक सहमति" देने का आरोप है। इन्हें जनवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया।
ए. पद्मकुमार: TDB के पूर्व अध्यक्ष और CPI(M) नेता।
गोवर्धन: बेल्लारी का जौहरी, जिसे चोरी का सोना खरीदने के आरोप में पकड़ा गया।
ED की एंट्री से क्यों मचा हड़कंप?
अभी तक यह मामला केवल 'चोरी' का था, लेकिन ED (प्रवर्तन निदेशालय) की एंट्री ने इसे 'मनी लॉन्ड्रिंग' का मामला बना दिया है। ED यह पता लगा रही है कि सोने को बेचकर जो करोड़ों रुपये आए, उन्हें कहाँ और कैसे ठिकाने लगाया गया।
छापेमारी में कई डिजिटल सबूत और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की खबर है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सबरीमाला में हुआ यह घोटाला न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि राजनीति और धर्म के बीच के गठजोड़ पर भी सवाल उठाता है।












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