सबरीमाला में उमड़ी भीड़ ने खोली व्यवस्था की पोल, श्रद्धालुओं की मौत से मुश्किल में फंसी केरल सरकार
सबरीमाला में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रण में करने के सरकार के दावों से इतर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि भक्तों को मंदिर तक पहुंचने के लिए कम से कम 18 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच उन्हें पास के वन क्षेत्रों में रह कर और नदी में स्नान कर के गुजारा करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय तमिल दैनिक समाचार, दिनामलार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भक्तों को पिछले कुछ हफ्तों से जंगल में कष्ट उठाने पड़ रहे हैं। वे घंटों इंतजार करते हैं बिना यह जाने कि बस कब चलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद लोगों को पंबाई नदी में नहाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां दोबारा कई घंटों तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है। दिनामलार की रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्र में लोगों के लिए कोई टेंट या किसी प्रकार की कृत्रिम छत मौजूद नहीं है।

पहाड़ी पर चढ़ने के बाद, भक्तों को "मरकुटम क्यू कॉम्प्लेक्स के नाम पर बने बंजर शेड" में इंतजार कराया जाता है। यहां श्रद्धालुओं को कम से कम चार घंटे इंतजार करना पड़ता है। इस प्रकार,12 से 18 घंटों तक शेड में कैदियों की तरह रहने के बाद श्रद्धालु 'अय्यप्पन' के दर्शन कर पाते हैं।
सबरीमाला में मौत की खबर ने केरल के मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ाई
बुधवार को पुल्लुमेदु वन मार्ग से एक सबरीमाला तीर्थयात्री की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने कहा कि पारंपरिक वन मार्ग से मंदिर की ओर जाते समय तीर्थयात्री गिर गया। उन्होंने बताया कि शव को अस्पताल ले जाने के लिए एक पुलिस दल भेजा गया है।
इससे पहले शनिवार को सबरीमाला में 12 वर्षीय लड़की की मौत की खबर आई थी। तमिलनाडु की पद्मश्री पहाड़ी मंदिर के अप्पाचिमेडु खंड पर गिर गई थी।
ऑनलाइन मनोरमा की एक रिपोर्ट के अनुसार, समूह, जिसमें पद्मश्री भी शामिल थी, ने दोपहर के आसपास पहाड़ी पर चढ़ना शुरू किया था। जब वो लोग अप्पाचिमेडु पहुंचे, तब उसकी तबियत बिगड़ गई और बेहोश वो हो कर गिर गई। हालांकि पद्मश्री को वहां के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उसे पहले से दिल की बिमारी थी।
बीते दिनों अय्यप्पन के दर्शन के लिए पहुंचे एक बच्चे का मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। मासूम अपने पिता से बिछड़ जाने की वजह से बेहद परेशान है और रो रहा है। बच्चा रोते हुए हाथ जोड़ कर पुलिस वालों से मदद की गुहार लगाता है। मासूम का दिल दहलाने वाला यह वीडियो और सबरीमाला में हुई श्रद्धालुओं की मौत सरकार के इंतजाम के सारे दावों की पोल खोल रही है।
क्यों बिगड़े सबरीमाला में हालात?
मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, साल दर साल सबरीमाला में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि बदइंतजामी की वजह ड्यूटी ऑफिसर का सही निर्देश न जारी करना है। पंपा के पास श्रद्धालुओं की संख्या को नहीं रोकने के कारण स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।
पुलिस ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की पवित्र सीढ़ियां चढ़ते चले गए। यहां महिला, पुरुष और बच्चों की संख्या बढ़ने से पंपा के पास भी दबाव बढ़ा। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने मांग की है कि भीड़ को लाइन में रखने के लिए एक अस्थायी निर्माण कराया जाए ताकि पंपा के पास करीब 5 हजार लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, विपक्ष लगातार श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा और बदइंतजामी के लिए सरकार पर हमलावर है।












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