'धर्म का अर्थ है जोड़ना, यह तोड़ने की बात......': G20 के बीच बोले RSS चीफ मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS)के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा है दुनिया के अनेकों देश आज भारत की ओर इसे विश्वास से देख रहे हैं कि यह सभी को साथ लेकर चलता है। जी20 शिखर सम्मेलन के बीच उन्होंने यह टिप्पणी की है, जिसका थीम ही 'वसुधैव कुटुंबकम' वाले विचार पर आधारित रहा है।
भागवत पंजाब के लुधियाना जिले में नामधारी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सतगुरु प्रताप सिंह और माता भूपिंदर कौर की याद में लुधियाना से करीब 30 किलोमीटर दूर भैनी साहिब में आयोजित किया गया था। इस मौके पर वे बोले कि 'धर्म का अर्थ ही जोड़ना है, यह तोड़ने की बात नहीं करता। '

भारत सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है- मोहन भागवत
इस दौरान संघ प्रमुख ने कहा, 'भारत का काम दुनिया में संतुलन बनाना है और वह अपनी भूमिका बहुत अच्छी तरह से निभा रहा है। भारत स्वार्थी देश नहीं है। यह सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है।' गौरतलब है कि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी भारत सरकार ने सबका साथ, सबका विकास वाले विचार को अहमियत दी है।
'समाज को बांटने वाली ताकतें दुनिया को भी नुकसान पहुंचा रही हैं'
इस दौरान देश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक अगुवाई करने वाले संगठन के चीफ ने कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतें न केवल देश को बल्कि दुनिया को भी क्षति पहुंचा रही हैं और उनसे मिलकर लड़ना चाहिए।
धर्म तोड़ने की बात नहीं करता- आरएसएस प्रमुख
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक ने कहा कि 'धर्म का अर्थ है जोड़ना, यह तोड़ने की बात नहीं करता।' देश में अभी सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, उस नजरिए से संघ प्रमुख का बयान काफी मायने रखता है।
'भारत को अपनी परंपराओं, संस्कृति और विरासत को भी आगे बढ़ाना होगा'
भागवत बोले कि भारत को पूरी दुनिया को नई राह दिखाना होगा, लेकिन साथ ही अपनी परंपराओं, संस्कृति और विरासत को भी आगे बढ़ाना होगा। इस मौके पर नामधारी समुदाय के सतगुरु उदय सिंह भी मौजूद थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इससे पहले उनकी सतगुरु उदय सिंह के साथ बंद दरवाजे के अंदर भी बैठक हुई थी। वह शनिवार को ही दिल्ली से लुधियाना पहुंच गए थे। (इनपुट-पीटीआई)












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