मोहन भागवत बोले- बंटवारे से ना हम सुखी ना वो, विभाजन रद्द होने पर ही मिटेगा दर्द

मोहन भागवत बोले- बंटवारे एक टीस, विभाजन रद्द होने पर ही मिटेगा दर्द

नई दिल्ली, 25 नवंबर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 1947 में देश का जो बंटवारा हुआ, उससे कोई भी खुश नहीं है। इस विभाजन ने कभी ना खत्म होने वाली एक टीस दी है, जो तभी खत्म होगी, जब ये विभाजन निरस्त होगा। भागवत ने गुरुवार को नोएडा में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में बोलते हुए ये बातें कहीं।

भागवत

देश के बंटवारे की बात करते हुए आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा, विभाजन का उपाय दरअसल कोई उपाय नहीं था। ना उससे भारत सुखी है ना वो (पाकिस्तान) जिन्होंने इस्लाम के नाम पर उस समय विभाजन की मांग की थी। जो बिखर गया था उसे एकीकृत करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन कोई राजनीतिक नहीं बल्कि एक अस्तित्व का प्रश्न रहा। उस समय इस विभाजन को इसलिए स्वीकार करना पड़ा ताकि देश में किसी का खून ना बहे लेकिन यह दुर्भाग्य है कि हुआ इसका एकदम उल्टा। तब से अब तक ना जाने कितना खून देश में बह चुका है।

इस्लाम और ब्रिटेन पर साधा निशाना

आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा, भारत के विभाजन के पीछे कुछ परिस्थितियां जरूर थी लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण इस्लाम और ब्रिटिश आक्रमण था। गुरुनानक जी ने हमें इस्लाम के आक्रण को लेकर चेतावनी दी थी लेकिन हम सचेत नहीं हुए थे और इसका ये नतीजा निकला। भागवत ने आगे कहा कि विभाजन की उत्पत्ति इस मानसिकता से आती है कि हम तुम्हारे साथ नहीं रह सकते हैं क्योंकि तुम अलग हो। तुम्हारे साथ हमारा अलगाव है एकता नहीं है लेकिन भारतीयता कहती है कि तुम अलग होकर भी हमारे साथ रह सकते हो।

भागवत ने कहा हमें इतिहास को पढ़ना और उसके सत्य को वैसे ही स्वीकार करना चाहिए। अगर राष्ट्र को सशक्त बनाना है और वश्वि कल्याण में योगदान करना है तो उसके लिए हिंदू समाज को सामर्थ्य बनना होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+