रोहिंग्या संकट: क्यों सरकार चाह कर भी रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से नहीं निकाल सकती
नई दिल्ली। इन दिनों म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों को भगाया जा रहा है और लाखों लोग बांग्लादेश में पनाह ले रहे हैं, इसलिए भारत में भी यह मुद्दा छाया हुआ है। इस बीच भारत सरकार ने भी कह दिया है कि वे भी अपने देश में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने की तैयारी कर रही है। सरकार अबतक यह कहती आई है कि रोहिंग्या मुसलमानों को उनके देश, यानि म्यांमार में वापस भेजा जाएगा, लेकिन यह कैसे संभव होगा, इसको लेकर सरकार ने कोई जिक्र नहीं किया है। रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से निकालने को लेकर कुछ तकनीकी खामियां तो है ही, साथ में सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े होते हैं।

क्या भारत से निकालकर म्यांमार भेजा जाएगा रोहिंग्या मुसलमानों को?
म्यांमार खुद अपने देश से रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार कर उन्हें खदेड़ रहा है। अबतक 5 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान समुद्री रास्तों से बांग्लादेश में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे में भारत सरकार कैसे अपने देश में रह रहे 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार भेजेगी? वहीं, हाल ही में जिस तरह से आंग सूची ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर जो बयान दिया है, उससे तो बिल्कुल नहीं लगता कि वे कभी भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे रोहिंग्या समुदाय को स्वीकार करेगी।

म्यांमार क्यों स्वीकार नहीं करेगा भारत के रोहिंग्या समुदाय को?
भारत पिछले कई साल से रोहिंग्या मुसलमानों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन हकीकत तो यह है कि सरकार अभी तक एक भी रोहिंग्या शरणार्थी को वापस नहीं भेज पाई है। यहां तक कि पिछले 5 सालों में भारत सरकार उन 11 रोहिंग्या मुस्लिम कैदियों को म्यांमार भेजने में नाकाम रही है, जो मणिपुर की सेंट्रल जेल में बंद है। सवाल यह है कि जो म्यांमार 11 रोहिंग्या मुस्लिम को स्वीकार नहीं कर सकता, वो 40,000 को कैसे अपने देश में आने देगा? म्यांमार ने तो यहां तक कह दिया है कि रोहिंग्या मुसलमान उनके देश के नागरिक नहीं है।

तो क्या बांग्लादेश जाएंगे भारत के रोहिंग्या मुसलमान?
बांग्लादेश भले ही म्यांमार से भाग कर आ रहे रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दे रहा है, लेकिन वहां की शेख हसीना सरकार खुद इस बात को लेकर चिंतित है कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए। शेख हसीना ने इस समस्या से निजात पाने के लिए भारत से मदद भी मांगी है। यहां तक कि भारत ने म्यांमार को रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों वापस लेने को कहा है। ऐसे में भारत के रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश स्वीकार करेगा, यह संभव नहीं है। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है, इसलिए लाखों लोगों को बांग्लादेश शरण दे रहा है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने भी उन्हें फिलहाल अस्थायी रूप से अपने देश में पनाह दी है, जहां एक ही जगह पर लाखों शरणार्थियों को बसाया जा रहा है।

शरणार्थियों को लेकर क्या कहता है भारत का कानून?
वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस एक NDTV से बात करते वक्त कहते हैं कि हर शरणार्थी अवैध रूप से ही एक देश से दूसरे देश में प्रवेश करते हैं। गोंजाल्विस के अनुसार, जब एक बार यह साबित हो जाए कि उस शख्स ने अपने देश में आत्याचार से तंग आकर किसी दूसरे देश में शरण ली है, तो उसे भी जीने के वो अधिकार मिल जाते हैं जो उस देश के आम नागरिक को मिलते हैं। साथ ही, कानून के मुताबिक, अगर सरकार को पता है कि किसी शरणार्थी को फिर से उसके देश में पहुंचाने से उस पर अत्याचार हो सकता है तो जबरदस्ती उन्हें निकाला नहीं जा सकता।












Click it and Unblock the Notifications