बिहार के महागठबंधन में दरार, आरजेडी विधायक ने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ फूंका बिगुल
नई दिल्ली- बिहार में आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन के एक पुराने विवाद में नया मोड़ आ गया है। आरजेडी के एक स्थानीय विधायक ने सुपौल से कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार और मौजूदा सांसद रंजीत रंजन का खुलकर विरोध करने का ऐलान कर दिया है। जाहिर है कि आरजेडी विधायक अपने फैसले पर डटे रहे, तो गठबंधन की गांठ उलझ भी सकती है।

खबरों के मुताबिक पिपरा से आरजेडी एमएलए (RJD MLA) युदवंश प्रसाद यादव ने अपने सभी समर्थकों के साथ एकजुट होकर रंजीत रंजन के विरोध करने का फैसला कर लिया है। इसकी वजह ये है कि रंजन के पति राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मधेपुरा से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव के खिलाफ नामांकन वापस लेने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक सुपौल की आरजेडी इकाई ने पप्पू यादव से अपना नामांकन वापस लेने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए आरजेडी समर्थकों में उनके खिलाफ बहुत गुस्सा है और वे उनकी पत्नी का विरोध करना चाहते हैं।
पिपरा विधानसभा क्षेत्र भी सुपौल लोकसभा के दायरे में ही आता है और वहां के आरजेडी विधायक समर्थकों के साथ अब गांव-गांव जाकर कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी में लग गए हैं। इससे पहले जब रंजीत रंजन की उम्मीदवारी घोषित हुई थी, तब भी युदवंश प्रसाद ने इसको लेकर टिप्पणी की थी, जिससे पप्पू यादव और तेजस्वी यादव की आरजेडी में बहुत ज्यादा तल्खी बढ़ गई थी। गौरतलब है कि कई बार सांसद रह चुके पप्पू यादव का हाल के कुछ वर्षों से लालू यादव के साथ सियासी और आपसी ताल्लुकातों में गहरे मतभेद देखने को मिले हैं। वो लालू को लेकर कुछ समय से बहुत मुखर रहे हैं, इसलिए आरजेडी के कार्यकर्ता और नेता मधेपुरा में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ उनकी चुनौती को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
जमीनी हालात ये भी है कि मौजूदा परिस्थितियों में मधेपुरा में पप्पू यादव की उम्मीदवारी शरद पर भारी भी पड़ सकती है, इसलिए उनपर लगातार नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। अब देखने वाली बात है कि पप्पू यादव अपना जनाधार बचाते हैं या अपनी पत्नी को लोकसभा में फिर से पहुंचाने के लिए लालू-तेजस्वी की पार्टी से समझौता करने के लिए तैयार हो जाते हैं?












Click it and Unblock the Notifications