हरियाणा में धूल में मिले पैसे वाले नेता
नई दिल्ली। हरियाणा में बहुत से दिग्गज और मालदार चुनाव हार गए। भारत की सबसे धनी महिला और कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री जिंदल हिसार से हारीं। वह जिंदल स्टील की चेयरपेर्सन रही हैं। उनके पुत्र पूर्व सांसद नवीन जिंदल हैं।

जी टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा हिसार में कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री जिंदल के खिलाफ कैंपेन कर रहे थे। जानकारों को पता है कि जिंदल समूह और जी समूह के मालिकों के बीच पुरानी अदावत है। वे किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में तो नहीं बोलते, पर सावित्री जिंदल के लिए जरूर कहते हैं कि उन्हें आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने भाजपा की टिकट पाने की कोशिश की थी।
देश की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल इस समय हिसार में सड़कों और गलियों में घूम-घूम कर वोट मांग रही थी। 64 वर्षीय सावित्री जिंदल जिनके बेटे नवीन जिंदल और सज्जन जिंदल को सारी दुनिया जानती है। सावित्री जिंदल हरियाणा सरकार में मंत्री भी थीं।
साधारण कपड़े पहनने वाली सावित्री जिंदल घर-घर जाती थीं और इस बात का पूरा ध्यान रखती कि उनका सिर पल्लू से ढंका रहे। वह वोटरों से गहरी बातें नहीं करती हैं, बस उनसे इतना ही कहती कि उन्होंने उन्हें 2005 और 2009 में जिताया था। वो अपनी सरकार की उपलब्धियों की भी चर्चा करती हैं वह वोटरों से कहती हैं कि वे कांग्रेस को फिर से जिताएं।
उधर, शराब के कारोबारी विनोद शर्मा अंबाला से चुनाव हार गए। वे कई टीवी चैनलों और एक अखबार के मालिक हैं।
सिरसा में गोपाल कांडा हारे

इसके साथ ही रेप के आरोपी गोपाल कांडा भी सिरसा से चुनाव हार गए। ये सभी नेता अरबोंपति हैं। कांडा ने इस चुनाव में पानी की तरह पैसा बहाया था। गोपाल कांडा की खुद की एयरलाइंस कंपनी है। लेकिन अफसोस उसी कंपनी में काम करने वाली एक एयरहोस्टेस गीतिका की मौत के मुख्य आरोपी गोपाल कांडा बने।
असल में कांडा की हार का सबसे बड़ा कारण गीतिका की मौत रहा। इस कांड की वजह से सिरसा ही नहीं पूरा हरियाणा कांडा का विरोधी हो गया। तमाम प्रयासों के बाद भी कांडा जीत नहीं पाये।












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