अगले साल से 1 से 3 वर्ष बढ़ सकती है सैन्य अधिकारियों की सेवानिवृति की उम्र
नई दिल्ली। रक्षा विभाग के प्रमुख जनरल बिपिन रावत के अधीन सैन्य मामलों का विभाग (डीएमए) अगले साल अप्रैल तक सैन्य अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव को लागू करने की योजना बना रही है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्ति की उम्र में विस्तार के प्रस्ताव पर बहुत पॉजिटिव प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि इसे सभी अधिकारियों को एक से तीन साल अतिरिक्त सेवा मिलेगी और वो 60 साल की उम्र तक सेवा दे सकेंगे।

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एमडीए द्वारा सैन्य अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव को अगले साल के वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने में लागू किया जा सकता है। इससे पहले अधिकारी पुनः रोजगार योजना के तहत 58 वर्ष की उम्र तक सेवानिवृत्ति होते थे और सेवा करते थे, लेकिन सेवानिवृत्ति की उम्र में विस्तार के बाद रक्षा बल उन अधिकारियों के लिए भी पुनः रोजगार की योजना को बंद कर देंगे, जो नियमित सेवा से सेवानिवृत्ति होते हैं और कुछ वर्षों के लिए फिर से एक कम रैं के अधिकारी का वेतन प्राप्त करते हैं।

गौरतलब है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत द्वारा शुरू किए गए ने सुधारों के हिस्से के रूप में तकनीकी शाखाओं से अधिकारियों और जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जाएगी। सुधारों के पहले भाग के रूप में कर्नल रैंक की सेवानिवृत्ति की मौजूदा उम्र 54 से बढ़ाकर 57 तक बढ़ाने की योजना है, इसमें वायु सेना और नौसेना के समकक्ष सेना अधिकारी शामिल होंगे।

वहीं, ब्रिगेडियर और उनके समकक्षों की मौजूदा सेवानिवृत्ति उम्र को 56 से 58 करने का प्रस्ताव है, जबकि प्रमुख जनरल्स की मौजूदा सेवानिवृत्ति उम्र में एक वर्ष की वृद्धि का प्रस्ताव है, लेकिन लेफ्टिनेंट जरनलों की सेवानिवृत्ति उम्र को नहीं छुआ गया है। यानी लेफ्टिनेंट जनरल की सेवानिवृत्ति पूर्ववत 60 वर्ष रहेगी। लॉजिस्टिक, टेक्निकल, मेडिकल ब्रांच में जूनियर कमीशंड ऑफिसर और जवानो की सेवानिवृत्ति की उम्र 57 वर्ष करने की योजना है। इसमें भारतीय सेना की ईएमई, एएससी और एओसी शाखाएं शामिल होगीं।












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