जम्मू कश्मीर में पाक की खुफिया एजेंसी ISI ने छेड़ रखी है प्रॉक्सी वॉर:CDS जनरल रावत
नई दिल्ली। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को दावा किया कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों देशों के बीच में विवाद किसी 'बड़े संघर्ष' में बदल सकता है। रावत ने कहा, कुल मिलाकर सुरक्षा के लिहाज से सीमा पर टकराव, उल्लंघन, अकारण सामरिक सैन्य कार्रवाई-बड़े संघर्ष का संकेत है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। हम वास्तविक नियंत्रण रेखा में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे।जनरल रावत ने चीन के साथ पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई के बारे में कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी आतंकवादी कभी नदी के सहारे तो कभी बर्फ के सहारे भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारे जवान उनके मंसूबों पर पानी फेर देते हैं। पाकिस्तान के इस घुस्पैठ की कोशिशों पर जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान ने सशस्त्र इस्लामी विद्रोह और आतंकवाद का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI जम्मू-कश्मीर में प्रॉक्सी वॉर छेड़ रखी है।

दिल्ली में एक बेविनार को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि एलएसी पर 'हालात तनावपूर्ण' बने हुए हैं। चीन के साथ "युद्ध की संभावनाएं तो नहीं दिखाई पड़ती हैं लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि सीमा-विवाद, घुसपैठ और बिना उकसावे के (चीन की) सैन्य-कारवाई कभी भी किसी बड़े कन्फिलक्ट में तब्दील हो सकती है।
जनरल बिपिन रावत ने कहा, "लद्दाख में भारतीय सैनिकों को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दुस्साहस की वजह से 'अप्रत्याशित परिणामों' का सामना करना पड़ा। हमारी पोजीशन पर कोई सवाल नहीं है। हम वास्तविक नियंत्रण रेखा में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे। सीडीएस ने कहा कि चीन को एलएसी पर यथा-स्थिति स्थापित करनी होगी यानि अप्रैल महीने के आखिर में एलएसी पर जो स्थिति थी वही फिर से कायम करनी होगी और एलएसी को शिफ्ट नहीं करने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगस्त में, चीनी सैनिकों ने उन भारतीय सैनिकों पर हमले की कोशिश थी जो पैंगोंग त्सो झील के पास की ऊंची पहाड़ियों पर मुस्तैद थे। दशकों में पहली बार वहां हवाई गोलीबारी की गई थी। जनरल रावत ने पड़ोस में परमाणु शक्ति पर बोलते हुए कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद, चीन का पाकिस्तान को समर्थन और बीआरआई ('बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव') के चलते भारत और चीन के बीच में हमेशा प्रतिस्पर्धा चलती रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications