खुदरा महंगाई दर में रिकॉर्ड गिरावट, घट सकती हैं ब्याज दर
मौसम विभाग की ओर से मॉनसून के औसत से बेहतर रहने का अनुमान जताए जाने के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि आगे भी महंगाई अंकुश लगा रहेगा।
नई दिल्ली। खुदरा महंगाई दर (रिटेल इन्फ्लेशन) 5 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट के चलते मई में खुदरा महंगाई दर 2.18 पर्सेंट पर पहुंच गई। अप्रैल में यह आंकड़ा 2.99 फीसदी पर था। महंगाई में कमी के चलते आर्थिक विशेषज्ञ यह दावा कर रहे हैं कि रिजर्व बैंक अगस्त ब्याज दरों में कमी की घोषणा कर सकता है। सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते पांच साल यानी 2012 के बाद खुदरा महंगाई अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

मौसम विभाग की ओर से मॉनसून के औसत से बेहतर रहने का अनुमान जताए जाने के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि आगे भी महंगाई अंकुश लगा रहेगा। अगर महंगाई के लिहाज से देखें तो आने वाले कुछ महीने तो कम से कम अच्छे दिन कहे जा सकते हैं।
सस्ती हुईं दालें
- दालों की खुदरा महंगाई दर एक बार फिर घटी है। मई के महीने में इसमें 19.45 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
- वहीं, सब्जियों की खुदरा महंगाई दर में 13.44 फीसदी की कमी आई।
- चीनी अब भी मोदी सरकार के सामने चुनौती बनी हुई है। मई महीने में चीनी के दाम ज्यादा ही रहे।
- राज्यवार स्तर की बात करें तो सबसे ज्यादा खुदरा महंगाई दर जम्मू व कश्मीर में रही। यहां महंगाई दर 6.28 फीसदी दर्ज की गई।
- महंगाई के मामले में 5.11 प्रतिशत के आंकड़े के साथ दिल्ली दूसरे और 4.71 फीसदी के साथ हिमाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर है।
- खुदरा महंगाई दर के मामले में छत्तीसगढ़ आखिरी पायदान पर रहा, जहां पर यह दर दर (-)0.83 फीसदी दर्ज की गई, जबकि उत्तर प्रदेश में ये दर 1.10 फीसदी रही।
उत्पादन की दर भी बढ़ी
- सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीने में औद्योगिक उत्पादन की दर 3.1 पर्सेंट रही है, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 2.7 प्रतिशत था।












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