मोदी सरकार ने कुछ ऐसा किया कि एक हो गईं रेखा और जया !
नयी दिल्ली। समाजवादी पार्टी के कोटे से राज्यसभा की सदस्य जया बच्चन और कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा की नई नवेली सदस्य रेखा की दुश्मनी सालों-साल पुरानी है। दोनों एक दूसरे के सामने तक नहीं आना चाहते है। जया बच्चन और रेखा की अदावत के किस्से बॉलीवुड में मशहूर हैं। जया जहां राजनीति में अहम मुकाम बना चुकी हैं तो वहीं रेखा अभी इस फिल्ड में नई है। आपको याद होगा कि कुछ महीने पहले दोनों अभिनेत्रियों का संसद में एक ही छत के नीचे बैठना सुर्खियां बन गया था। खबरें आई की जया बच्चन ने राज्यसभा में रेखा के साथ बैठने से इनकार कर दिया था।

दोनों एक दूसरे की एंटी है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने कुछ ऐसे इंतजाम कर दिए हैं कि जया बच्चन और रेखा को अब अपनी पुरानी दुश्मनी भुलाकर साथ बैठना ही होगा। दरअसल नरेन्द्र मोदी सरकार ने संसद की 35 स्थायी समितियों का गठन किया है। इन स्थाई समितियों में एक सूचना एंव प्रौद्योगिकी समिती ऐसी है जिसमें जया और रेखा को एक साथ रखा गया है। दोनों ही राज्यसभा सदस्यों को सूचना और प्रौद्योगिकी मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर हैं।
मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब दोनों को ही एक साथ बैठना होगा। सूचना और प्रौद्योगिकी समिति में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भी शामिल किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को वित्त मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। वित्तीय मामलों की समिति का अध्यक्ष जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली को बनाया गया है, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति का अध्यक्षता युवा सांसद अनुराग ठाकुर को बनाया गया है।
उद्योग संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता जदयू सांसद केसी त्यागी को, विज्ञान और तकनीकी समिति की अध्यक्षता अश्विनी कुमार को, परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति की अध्यक्षता डॉ कंवरदीप सिंह को, स्वास्थ्य संबंधी समिति की अध्यक्षता सतीश चंद्र मिश्र को विधि संबंधी समिति की अध्यक्षता ईएम सुदर्शन नचिप्पन को, कृषि संबंधी समिति की अध्यक्षता हुकुमदेव नारायण यादव को दी गई है। गौरतलब है कि कांग्रेस भले ही संसद में नेता विपक्ष का पद हासिल करने में नाकाम रही हो, लेकिन वह नई गठित संसद की स्थायी समितियों में पांच की कमान हासिल करने में सफल रही।












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