RBI MPC Meet 2024: ना EMI से राहत, ना सस्ता हुआ लोन, RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव
RBI MPC Meet 2024: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने प्रमुख ब्याज दरों पर मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले की घोषणा की है। आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका साफ मतलब ये है कि आपको ईएमआई (EMI) में अभी कोई राहत नहीं मिलेगी।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार (05 अप्रैल) को कहा कि, ''रिजर्व बैंक ने पॉलिसी रेपो रेट को 6.5% पर ही रखने का फैसला किया है।''
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि, ''स्थायी जमा सुविधा दर 6.25% पर बनी हुई है और सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर 6.75% पर बनी रहेगी।''
यह वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में पहली RBI MPC घोषणा है। केंद्रीय बैंक ने लगातार सातवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। फिलहाल रेपो रेट 6.5 फीसदी पर है।
RBI MPC ने 3 अप्रैल को अपनी तीन दिवसीय बैठक शुरू की थी, जो 04 अप्रैल गुरुवार को खत्म हुई है। इस बार भी उम्मीद है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा।
What is repo rate: रेपो रेट क्या है?
रेपो दर यानी रेपो रेट का मतलब होता है, रिजर्व बैंक द्वारा अन्य बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज की दर। बैंक उसके बाद इसी दर से अपने ग्राहकों को लोन देती है।
बाजार पर्यवेक्षकों का भी अनुमान यही था कि बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव के बीच समिति रेपो दर को 6.5% के मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगी।
एक्सपर्ट का कहना है महंगाई में मामूली बदलाव हो सकता है। इसके अलावा ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में भी नरमी देखी जा सकती है।
रेपो रेट कम होने से क्या होता है फायदा?
- अगर RBI रेपो रेट में कटौती करती तो, इसका मतलब ये है लोन की ईएमआई (EMI) भी कम हो जाएगी। वहीं अगर रेपो रेट बढ़ाया जाता होता है तो लोन की ईएमआई बढ़ जाती है।
- रेपो रेट कम कम होने पर ग्राहकों को कम ब्याज दर पर होम लोन और व्हीकल लोन मिलते हैं। अगर रेपो रेट में इजाफा होता है तो ये लोन आपको बढ़े हुए दर पर मिलेंगे।
- बैंक रेपो रेट के आधार पर ही लोन की ईएमआई तय करती है। यानी रेपो रेट का घटना और बढ़ना सीधे-सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा होता।












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