Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

RBI Monetary Policy: मिडिल ईस्ट संकट के बीच आम जनता को राहत! नहीं बढ़ेगी EMI, Repo Rate 5.25% पर स्थिर

RBI Monetary Policy: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन पर मंडराते खतरे के बीच Reserve Bank of India (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति में सावधानी भरा रुख अपनाया है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान टकराव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर बढ़ते जोखिम ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को दबाव में डाल दिया है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में मिडिल ईस्ट तनाव का असर सीधे भारत की अर्थव्यवस्था पर हो रहा है। ऐसे माहौल में RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए स्थिरता को प्राथमिकता दी है। गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महंगाई, विकास दर, वैश्विक जोखिम और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर गहराई से चर्चा की गई।

RBI Monetary Policy Repo Rate

रेपो रेट 5.25% पर स्थिर, 'न्यूट्रल' रुख कायम

RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। यह वही दर है जिस पर केंद्रीय बैंक बैंकों को कर्ज देता है। नीति रुख 'न्यूट्रल' रखा गया है, यानी RBI आगे चलकर जरूरत के हिसाब से दरें बढ़ा या घटा सकता है। MPC की यह बैठक 6 अप्रैल से शुरू होकर तीन दिन तक चली।

STF, MSF और बैंक रेट में बदलाव नहीं

गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार:

  • STF रेट: 5%
  • MSF रेट: 5.5%
  • बैंक रेट: 5.5%

इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि RBI फिलहाल स्थिरता बनाए रखना चाहता है।

मजबूत ग्रोथ के संकेत, GDP 6.9% रहने का अनुमान

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रियल GDP ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जताया है। तिमाही आधार पर अनुमान इस प्रकार है:

  • Q1: 6.8%
  • Q2: 6.7%
  • Q3: 7%
  • Q4: 7.2%

पिछले वित्त वर्ष की ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान है। RBI के अनुसार यह मजबूत खपत, निवेश और सरकारी नीतियों के समर्थन का परिणाम है।

महंगाई फिलहाल नियंत्रण में

RBI ने कहा कि हेडलाइन महंगाई अभी 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। गवर्नर ने बताया कि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से साफ है कि आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता और मजबूती बनी हुई है। हेडलाइन महंगाई का मतलब है देश में वस्तुओं और सेवाओं की कुल कीमतों में बढ़ोतरी की दर।

तेल संकट बना सबसे बड़ा जोखिम

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण Strait of Hormuz पर खतरा बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में से एक है और भारत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है।

अगर यहां रुकावट आती है तो:

  • तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं
  • भारत की आयात लागत बढ़ेगी
  • चालू खाते पर दबाव पड़ेगा

रुपये, बाजार और निवेश पर असर

तेल महंगा होने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था के कई हिस्सों में दिख रहा है:

  • रुपये में कमजोरी आई
  • शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया
  • विदेशी निवेशकों ने पैसा निकाला

यह स्थिति निवेशकों के भरोसे को भी प्रभावित करती है।

कई सेक्टर पर लागत का दबाव

ईंधन महंगा होने से कई उद्योगों की लागत बढ़ गई है:

  • एविएशन सेक्टर में खर्च बढ़ा
  • होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री प्रभावित
  • लॉजिस्टिक्स महंगा हुआ
  • खाद और अन्य जरूरी आयात की कीमत बढ़ी

Air India ने 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद दूसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया, जो बढ़ती लागत का सीधा संकेत है।

सप्लाई चेन पर असर और आयात जोखिम

खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे माल, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। RBI ने कहा कि सरकार जरूरी सेक्टर में सप्लाई बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, ताकि असर कम किया जा सके। मध्य पूर्व में काम करने वाले भारतीयों से आने वाली रकम (रेमिटेंस) भारत के लिए अहम है। हालांकि अनिश्चितता बनी हुई है, RBI को उम्मीद है कि रेमिटेंस मजबूत रहेगा और चालू खाते को सहारा देगा।

CPI महंगाई 4.6% रहने का अनुमान

RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए CPI महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान जताया है। सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।

ग्रोथ पर पड़ सकता है असर

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि:

  • ऊंची ऊर्जा कीमतें
  • कमोडिटी के दाम
  • सप्लाई में रुकावट

इन सभी का असर इस साल आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है।

अर्थव्यवस्था को मिल रहे सपोर्ट फैक्टर

RBI के अनुसार कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं:

  • सर्विस सेक्टर में लगातार मजबूती
  • GST सुधार का असर
  • कंपनियों और बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट
  • बेहतर वित्तीय हालात

ये सभी कारक अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं और आगे भी ग्रोथ को बनाए रखने में मदद करेंगे।

ये भी पढ़ें: Co-operative Bank News: सहकारी बैंकों के लिए मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, आसानी से मिलेगा ₹5 लाख तक लोन

With AI Inputs

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+