Co-operative Bank News: सहकारी बैंकों के लिए मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, आसानी से मिलेगा ₹5 लाख तक लोन
Co-operative Bank Big News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार ने मिलकर सहकारी बैंकों को अधिक सशक्त, आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधारों की एक नई रूपरेखा तैयार की है। इन बदलावों का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को पारदर्शी और डिजिटल रूप से उन्नत बनाना है। 'सहकार सारथी' जैसी पहलों के माध्यम से छोटे सहकारी बैंकों को अब वही आधुनिक तकनीक मिलेगी जो बड़े कमर्शियल बैंकों के पास होती है।
साथ ही, प्राथमिक क्षेत्रों (PSL) के लिए कर्ज के नियमों में ढील दी गई है, जिससे किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। ये सुधार न केवल बैंकों के संचालन को बेहतर करेंगे, बल्कि जमाकर्ताओं के ₹5 लाख तक के धन की सुरक्षा सुनिश्चित कर बैंकिंग प्रणाली में जनता का विश्वास और गहरा करेंगे।

लोन की राह हुई आसान
अब सहकारी समितियों को खेती और ग्रामीण विकास के लिए पैसा जुटाना बहुत सरल होगा। आरबीआई ने इन कर्जों को 'प्राथमिकता क्षेत्र' (Priority Sector) में शामिल कर दिया है। इससे बड़े बैंकों के लिए सहकारी संस्थाओं को फंड देना अनिवार्य हो जाएगा, जिससे सीधे तौर पर छोटे किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को सस्ता और समय पर लोन मिल सकेगा।
'सहकार सारथी' से होगा डिजिटल कायाकल्प
छोटे और ग्रामीण सहकारी बैंकों को हाई-टेक बनाने के लिए 'सहकार सारथी' नाम की एक साझा सेवा इकाई (SSE) बनाई गई है। यह सिस्टम इन बैंकों को आधुनिक सॉफ्टवेयर और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं देगा। इसके अलावा, आधार के जरिए लेन-देन (AePS) की फीस कम होने से अब गांव का हर व्यक्ति अपने अंगूठे के निशान से आसानी से बैंकिंग कर सकेगा।
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घर के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए हाउसिंग लोन के नियमों को काफी उदार बना दिया गया है। अब ये बैंक अपने कुल फंड का 25% तक हिस्सा घर बनाने के लिए कर्ज के तौर पर दे सकेंगे। पहले यह सीमा बहुत कम थी, जिससे लोगों को लोन मिलने में दिक्कत होती थी। अब शहर के मध्यम वर्ग के लिए सहकारी बैंकों से होम लोन लेना कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
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जमाकर्ताओं के ₹5 लाख की सुरक्षा गारंटी
इन सुधारों में सबसे बड़ा जोर आम आदमी के पैसे की सुरक्षा पर है। अब हर सहकारी बैंक के जमाकर्ता को DICGC के तहत ₹5 लाख तक का बीमा कवर मिलता है। इसका मतलब है कि बैंक पर कोई भी संकट आने पर आपकी यह रकम पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही, अब आप अपनी बैंक संबंधी शिकायतों के लिए सीधे आरबीआई के लोकपाल (Ombudsman) की मदद ले सकते हैं।












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