कटे-फटे नोटों की टेंशन खत्म, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन, आप भी जानिए

कटे-फटे नोटों की टेंशन खत्म, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन, आप भी जानिए

नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया। अपने 1 घंटे और 15 मिनट के बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान किए। बजट के बाद सोना, चांदी, सिगरेट, तंबाकू और ऑटो पार्ट्स जैसी कुछ चीजें महंगी हुई हैं, तो वहीं ई-वाहनों के पार्ट्स, स्विच सॉकेट और मोबाइल फोन मॉड्यूल जैसे सामान सस्ते हुए हैं। इस बीच रिजर्व बैंक और इंडिया (आरबीआई) ने कटे-फटे नोटों को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है। अक्सर लोगों के कुछ नोट फट जाते हैं, जिन्हें बाजार में दुकानदारों के अलावा बैंक भी लेने से मना कर देते हैं। ऐसे में आरबीआई की इस नई गाइडलाइन से लोगों को एक बड़ी राहत मिल सकती है।

कटे-फटे नोट ना लेने पर लगेगा जुर्माना

कटे-फटे नोट ना लेने पर लगेगा जुर्माना

आरबीआई की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब कटे-फटे नोटों को लेने से इंकार करने या छोटे नोट देने पर बैंक की उस शाखा के ऊपर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बैंकों के ऊपर यह कार्रवाई ग्राहकों की तरफ से पांच शिकायतें मिलने के बाद की जाएगी। नई गाइडलाइन के बारे में जानकारी देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक मानस रंजन महांति ने बताया कि कटे-फटे नोटों और सिक्कों को लेकर बैंकों को नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। महांति ने बताया कि बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्राहक सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही ना बरती जाए।

बैंकों के प्रति उठाए गए सख्त कदम

बैंकों के प्रति उठाए गए सख्त कदम

आरबीआई का कहना है कि कटे-फटे नोटों और सिक्कों को लेकर ग्राहकों को आ रही परेशानी को देखते हुए बैंकों के प्रति सख्त कदम उठाए गए हैं। अब कोई भी बैंक कम मूल्य के नोटों या सिक्कों को स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता। आरबीआई की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब कोई बैंक किसी ग्राहक को अपनी सेवाएं देने से इस आधार पर इंकार नहीं कर सकता कि वह उसकी ब्रांच का ग्राहक नहीं है। इसके अलावा बैंकों को अब अपनी शाखा में ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं और उन सेवाओं के शुल्क की जानकारी भी चस्पा करनी होगी।

बजट: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

बजट: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में जहां मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत दी है, वहीं अमीरों पर टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि दो से पांच करोड़ रुपए तक की आय वाले लोगों पर 3 फीसदी सरचार्ज के तौर पर ज्यादा टैक्स लगेगा। वहीं 5 करोड़ से ज्यादा आय वालों को 7 फीसदी सरचार्ज के तौर पर ज्यादा टैक्स देना होगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए तक की सालाना आय वाले लोगों को कोई टैक्स देने की जरूरत नहीं। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं निवेश पर भी छूट बढ़ी है।

1 करोड़ रुपये की निकासी पर 2% टैक्स

1 करोड़ रुपये की निकासी पर 2% टैक्स

इन घोषणाओं के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैश में बिजनस पेमेंट को कम करने के लिए टीडीएस लगाने का फैसला लिया है। बैंक से एक करोड़ रुपये की निकासी पर 2 फीसदी टैक्स देना होगा। वित्त मंत्री के बजट भाषण में एक और अहम ऐलान किया गया है। अब सस्ते घरों के लिए ब्याज पर 3.5 लाख रुपये की छूट मिलेगी। बजट भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि इस साल बजटीय घाटा 3.4 फीसदी से घटकर 3.3 फीसदी पर आया है। पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपये का अतिरिक्त सेस लगेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन मिलेगा। सोने और बहुमूल्य धातुओं पर उत्पाद शुल्क 10 से बढ़कर होगा 12.5 फीसदी किया गया।

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