Mutual funds को संकट से उबारने के लिए RBI ने किया 50 हजार करोड़ की राहत का ऐलान
नई दिल्ली: कोरोना महामारी की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा है। जिस वजह से म्यूचुअल फंड निवेशक भी लंबे वक्त से अपनी पूंजी को लेकर परेशान हैं। अब आरबीआई ने म्यूचुअल फंड को इस संकट से उबारने का प्लान बना लिया है। इसके लिए 50 हजार करोड़ की मदद का ऐलान किया गया है। आरबीआई के इस ऐलान के बाद से निवेशकों ने राहत की सांस ली है।
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11 मई तक जारी रहेगी ये सुविधा
मामले में आरबीआई ने कहा कि कोरोना की वजह से पूंजी बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे में म्यूचुअल फंड पर तरलता का दबाव भी बढ़ा है। कोरोना के आर्थिक दबाव को कम करने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए आरबीआई ने 50 हजार करोड़ के विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है। वहीं आरबीआई की ये सुविधा आज से शुरू हो गई हो, जो 11 मई तक चलेगी। इसके साथ ही फंडिंग के लिए बैंक किसी भी बिजनेस डे में आरबीआई में अप्लाई कर सकते हैं। इस फंड के तहत आरबीआई फिक्स रेपो रेट पर 90 दिन की अवधि का एक रोप ऑपरेशन शुरू करेगा।
RBI Announces ₹ 50,000 crore Special Liquidity Facility for Mutual Funds (SLF-MF)https://t.co/Kq15TPFulr
— ReserveBankOfIndia (@RBI) April 27, 2020
फ्रैंकलिन की घोषणा के बाद से परेशान थे निवेशक
दरअसल लॉकडाउन के बीच फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने स्वेच्छा से अपनी छह क्रेडिट स्कीम्स को बंद करने का फैसला लिया था। इस घोषणा के बाद निवेशकों में हड़कंप मचा गया। जिसके बाद एक्सपर्ट्स लोगों को निवेश नहीं करने की सलाह दे रहे थे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मार्केट की हालात पहले से खराब थी। ऐसे में अब कोरोना की वजह से हालात और बुरे हो गए हैं। जिस वजह से पूंजी पर खतरा बढ़ गया है। वहीं कई म्यूचुअल फंड्स ऐसे भी हैं, जिसमें छोटे बैंकों ने भी निवेश किया है। ऐसे में अगर संकट और गहराता तो कई बैंक डूब जाते, जिससे हजारों नौकरियां भी खतरे में पड़ती। ऐसे में आरबीआई म्यूचुअल फंड सेक्टर की मदद का ऐलान किया।

'कुछ स्कीम्स बंद होने से घबराने की जरूरत नहीं'
इससे पहले एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने घबराए निवेशकों को मदद का भरोसा दिलाया था। एम्फी के मुताबिक फिक्स इनकम वाले फंड्स को बेहतर डेट क्वॉलिटी सिक्यॉरिटीज में निवेश किया गया है। इस वजह से म्यूचुअल फंड्स में लिक्वीडिटी का अभाव नहीं होगा। एम्फी के मुताबिक कुछ स्कीम्स बंद होने से निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए, इसके बजाए उन्हें निवेश लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एम्फी ने उम्मीद जताई थी कि पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग को निश्चित आय वाले फंड अपना सामान्य संचालन जारी रखेंगे।












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