देश में बढ़ती अहिष्णुता पर अब रतन टाटा ने क्या कहा
मुंबई। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने रविवार को कहा है कि भारत हमेशा से ही शांति और सौहार्द पर यकीन करने वाला देश रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत के साथ दुनिया से अहिष्णुता को कम करना है तो फिर शिक्षा और नौकरी से मिलने वाला संतोष ही इसमें मददगार साबित हो सकता है।

एक कार्यक्रम के दौरान टाटा ने कहा कि वह सहिष्णुता के मुद्दे पर देश में जारी बहस में शामिल नहीं होना चाहते हैं। वह पहले ही इस बात को कह चुके हैं कि भारत हमेशा से सौहार्द में यकीन करने वाला राष्ट्र रहा है।
उन्होंने कहा हमें साथ रहना है और आगे भी इसी परंपरा को बढ़ाना है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना है कि दुनिया में जारी अहिष्णुता का हम हिस्सा न बनने पाएं और न ही इसमें कुछ योगदान करें।
टाटा के मुताबिक बेहतर शिक्षा और अच्छी नौकरी की मदद से ही ऐसा हो सकता है। उनका मानना है कि अहिष्णुता को सिर्फ ज्ञान से ही कमजोर किया जा सकता है। रतन टाटा ने पहली बार इस मुद्दे पर बयान दिया है और उन्हें हमेशा देश की स्थिति पर मुखर राय रखने वाले व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है।












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