रामपाल का माओवादियों से संबंध, कोर्ट ने रद्द की जमानत
नई दिल्ली। आस्था के नाम पर हजारों लोगों को धोखा देने के बाद जिस तरह से संत रामपाल के बारे में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं वो काफी चौकाने वालें हैं। हिसार में रामपाल के आश्रम से खूनी जंग के बाद हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में आये रामपाल का माओवादियों से संबंध है। हरियाणा पुलिस का कहना है कि रामपाल का माओवादियों से संबंध होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। वहीं कोर्ट ने रामपाल की जमानत को रद्द कर दिया है।

गौरतलब है कि रामपाल ने तबियत खराब होने का बहाना करके कोर्ट में न पेश होने के लिए अपने समर्थकों की आड़ ली थी। लेकिन बुधवार रात को गिरफ्तार किये जाने के बाद उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया जिसमें डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह से स्वस्थ्य करार दिया है। आपको बता दें कि रामपाल की तबियत खराब होने के चलते पुलिस उसे गिरफ्तार करते वक्त तीन एंबुलेंस लेकर गयी थी। लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ्य रामपाल खुद चलकर आराम से बाहर आया।
अगस्त माह में हरियाणा पुलिस ने महावीर सकलानी नाम के सख्श को गिरफ्तार किया था जोकि माना जा रहा है कि माओवादियों के सब-एरिया कमांडेंट हैं। गुड़गांव में गिरफ्तार होने से पहले सकलानी रामपाल के बरवाला आश्रम में रह रहा था।
मंगलवार को रामपाल के आश्रम को सीज किये जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने सकलानी से आश्रम के के नक्शे और रामपाल के समर्थकों के रणनीति के बारे में पूछताछ शुरु कर दी थी। खुफिया विभाग के सूत्रों का कहना है कि सकलानी ने ही रामपाल के समर्थकों को पेट्रोल बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी। सकलानी उत्तरी बिहार में माओवादी संगठन के मुखिया के रूप में कार्यरत था। नेपाल भागने से पहले वह झारखंड़ में भी कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे चुका था।












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