Ramadan Sehri Time 6 March 2025: सहरी का सही वक्त क्या है? दिल्ली, लखनऊ, मुंबई समेत जानें सिटीवाइज टाइम टेबल
Ramadan Sehri-Iftar Time Today, 6 March 2025: रमजान का पाक महीना चल रहा है, और दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय रोजा रखकर इबादत में लगे हुए हैं। रोजे की शुरुआत सहरी से होती है, जो सूर्योदय से पहले खाया जाने वाला भोजन है। यह न सिर्फ शारीरिक ऊर्जा देता है, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण होता है।
अगर आप रोजा रख रहे हैं, तो सही समय पर सहरी करना ज़रूरी है, क्योंकि इसके बाद पूरा दिन बिना कुछ खाए-पिए रहना होता है। आइए जानते हैं शहरवार सहरी टाइमिंग...

6 मार्च 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सहरी का समय
| क्रमांक | शहर | सहरी का वक्त |
|---|---|---|
| 1 | नई दिल्ली | 5:36 AM |
| 2 | मुंबई | 5:54 AM |
| 3 | लखनऊ | 5:22 AM |
| 4 | कोलकाता | 4:52 AM |
| 5 | हैदराबाद | 5:32 AM |
| 6 | बेंगलुरु | 5:35 AM |
| 7 | अहमदाबाद | 5:55 AM |
| 8 | सूरत | 5:53 AM |
| 9 | चेन्नई | 5:24 AM |
नोट: यह समय स्थानीय सूर्योदय के आधार पर तय किया गया है और आपके शहर में थोड़ा अलग हो सकता है। सबसे सटीक जानकारी के लिए स्थानीय मस्जिद या इस्लामिक संस्थानों से पुष्टि करें।
रमजान का महत्व और सहरी की भूमिका
सहरी सिर्फ़ एक सुबह का भोजन नहीं है, बल्कि यह पूरे दिन के रोज़े के लिए तैयार होने का मौका होता है। इस दौरान लोग इबादत करते हैं, दुआ मांगते हैं और अपने दिन की शुरुआत अच्छे इरादों से करते हैं। परिवार के साथ सहरी करना इस्लामिक परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जो आपसी प्यार और एकता को बढ़ावा देता है।
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है और इसे इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसी महीने में पहली बार पैगंबर मुहम्मद को कुरान की आयतें प्राप्त हुई थीं। इस पूरे महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, जिसे 'सौम' कहा जाता है। यह इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो आत्मसंयम और अल्लाह के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
सहरी और इफ्तार का समय (5 मार्च से 30 मार्च)
| क्रमांक | तारीख | सहरी का वक्त | इफ्तार का वक्त |
|---|---|---|---|
| 1 | 5 मार्च 2025 | 5:09 AM | 6:10 PM |
| 2 | 6 मार्च 2025 | 5:08 AM | 6:11 PM |
| 3 | 7 मार्च 2025 | 5:07 AM | 6:11 PM |
| 4 | 8 मार्च 2025 | 5:06 AM | 6:12 PM |
| 5 | 9 मार्च 2025 | 5:05 AM | 6:12 PM |
| 6 | 10 मार्च 2025 | 5:04 AM | 6:13 PM |
| 7 | 11 मार्च 2025 | 5:03 AM | 6:13 PM |
| 8 | 12 मार्च 2025 | 5:02 AM | 6:14 PM |
| 9 | 13 मार्च 2025 | 5:01 AM | 6:14 PM |
| 10 | 14 मार्च 2025 | 5:00 AM | 6:15 PM |
| 11 | 15 मार्च 2025 | 4:59 AM | 6:16 PM |
| 12 | 16 मार्च 2025 | 4:57 AM | 6:16 PM |
| 13 | 17 मार्च 2025 | 4:56 AM | 6:17 PM |
| 14 | 18 मार्च 2025 | 4:55 AM | 6:17 PM |
| 15 | 19 मार्च 2025 | 4:54 AM | 6:18 PM |
| 16 | 20 मार्च 2025 | 4:53 AM | 6:18 PM |
| 17 | 21 मार्च 2025 | 4:52 AM | 6:19 PM |
| 18 | 22 मार्च 2025 | 4:51 AM | 6:19 PM |
| 19 | 23 मार्च 2025 | 4:49 AM | 6:20 PM |
| 20 | 24 मार्च 2025 | 4:48 AM | 6:20 PM |
| 21 | 25 मार्च 2025 | 4:47 AM | 6:21 PM |
| 22 | 26 मार्च 2025 | 4:46 AM | 6:21 PM |
| 23 | 27 मार्च 2025 | 4:45 AM | 6:22 PM |
| 24 | 28 मार्च 2025 | 4:43 AM | 6:22 PM |
| 25 | 29 मार्च 2025 | 4:42 AM | 6:23 PM |
| 26 | 30 मार्च 2025 | 4:41 AM | 6:23 PM |
नोट: समय आपके स्थान के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है। सही समय के लिए स्थानीय मस्जिद या इस्लामिक संस्थान से पुष्टि करें।
रमजान के दौरान उपवास और इबादत
रमजान के दौरान रोजा रखने वाले सूर्योदय से पहले उठते हैं, वुज़ू (स्नान) करते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और सहरी करते हैं। इसके बाद दिनभर बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं। इफ्तार आमतौर पर खजूर और पानी से किया जाता है, फिर हल्का-फुल्का खाना खाया जाता है।
रमजान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्म-संयम, दया और परोपकार का संदेश देता है। इस दौरान मुसलमान गरीबों की मदद करते हैं, अच्छे कर्म करने की कोशिश करते हैं और अपने गुस्से और बुरी आदतों पर नियंत्रण रखते हैं।
रमजान 2025 का ऐतिहासिक महत्व
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, लगभग 1400 साल पहले, रमजान की एक खास रात 'लैलतुल क़द्र' (शब-ए-क़द्र) के दौरान पैगंबर मुहम्मद को पहली बार कुरान की आयतें प्राप्त हुई थीं। इसीलिए, रमजान को कुरान के नाज़िल होने का महीना भी कहा जाता है।
रमजान के दौरान एक-दूसरे को शुभकामनाएं देना
रमजान के महीने में लोग एक-दूसरे को "रमजान मुबारक" और "रमजान करीम" कहकर शुभकामनाएं देते हैं। इफ्तार पर दोस्तों और परिवार वालों को बुलाने की परंपरा भी है, जिससे भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
रमजान सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धिकरण और आत्मसंयम का महीना है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में धैर्य, त्याग और दूसरों की मदद करना कितना महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे आप अपना रोजा पूरा करते हैं, इस समय का उपयोग चिंतन करने, आशीर्वाद मांगने और रमजान की रहमतों को अपनाने के लिए करें।
रमजान मुबारक!
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