राम विलास पासवान, रघुवंश प्रसाद, जसवंत सिंह समेत 1 महीने में दुनिया को अलविदा कह गए ये राजनेता
1 महीने में दुनिया को अलविदा कह गए ये राजनेता
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से ठीक पहले दिग्गज राजनेता, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया राम विलास पासवान( Ram Vilas Paswan) का निधन हो गया। गुरुवार शाम राम विसा पासवान के बेटे चिराग पासवान( Chirag Paswan) ने ट्वीट कर पिता के निधन की जानकारी दी, जिसके बाद राजनीति जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी। राम विलास पासवान के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह समेत केंद्र और बिहार के तमाम राजनेताओं ने संवेदना व्यक्त की। राम विलास पासवान के निधन से चंद दिन पहले रघुवंश प्रसाद का निधन हो गया। एक महीने के भीतर बिहार ने अपने दो दिग्गज नेताओं को खो दिया। वहीं पिछले एक महीने के दौरान केंद्र और राज्य के नई राजनेताओं ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

राम विलास पासवान का निधन
8 अक्टूबर 2020 को लोजपा मुखिया और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का निधन हो गया। वो लंबे वक्त से बीमार थे और निधन से 6 दिन पहले ही उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान 74 साल के थे और केंद्र और बिहार की राजनीति में सक्रिय थे। राम विलास पासवान उन नेताओं में थे जो जयप्रकाश नारायण के समाजवादी आंदोलन से निकले थे।
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रघुवंश प्रसादः मनरेगा के जनक
रामविलास पासवान के अलावा 13 सितंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री बिहार के दिग्गज राजनेता रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन हो गया। वह 74 साल के थेष रघुवंश प्रसाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी थे। उन्हें मनरेगा का जनक कहा जाता है। उन्होंने मनरेगा के बल पर गांवों की दशा और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई।

जसवंत सिंह ने दुनिया को कह दिया अलविदा
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता जसवंत सिंह का निधन 27 सितंबर को हो गया। वो 82 साल के थे। सेना के बाद देश की राजनीति में कदम रखने वाले जसवंत सिंह ने अटल जी की सरकार के दौरान कई महत्वूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। वित्त, रक्षा और बाहरी मामलों की जिम्मेदारी संभालकर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी।

9 बार सांसद रहे काजी मसूद का निधन
दिग्गज राजनेता काजी रशीद मसूद का 5 अक्टूबर को हो गया। लंबे वक्त से कई बीमारियों से जूझ रहे 73 साल के रशीद मसूद का रुड़की में इलाज चल रहा था। काजी रशीद मसूद की गिनती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिग्गज राजनेताओं में होती थी। पिछले पांच दशकों तक वो राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने वीपी सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव के साथ काम किया।

लोकसभा सांसद दुर्गा प्रसाद का निधन
16 सितंबर को तिरुपति से लोकसभा सांसद दुर्गा प्रसाद का निधन हो गया। सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद राव के निधन पर प्रधानमंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की थी। बेहद अनुभवी और दक्षिण की राजनीति में बेहद सक्रिय राजनेताओं में से एक थे। आंध्र प्रदेश के विकास में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता बल्ली दुर्गा प्रसाद राव मूल रूप से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के निवासी थे। गुडूर जिले से वह 1985-1989 के दौरान और 1994 से 2014 के बीच चार बार विधायक रहे।

कांग्रेस नेता दलसिंगार यादव का निधन
17 सितंबर को पूव मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दलसिंगार यादव का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। लंबे वक्त तक उनका लखनऊ में इलाज चला, लेकिन उन्हें बचाया न जा सके। दलसिंगार यादव यूपी की राजनीति में बड़े नेताओं में से एक थे।

स्वामी अग्निवेश का निधन
11 सितंबर को सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता, स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया। वो 80 साल के थे। अग्निवेश लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे और लंबे वक्त से गंभीर रूप से बीमार थे। वहीं 4 अक्टूबर को बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता प्रदीप महारथी का निधन हो गया, वो कोरोना से संक्रमित थे। इससे अलावा 12 सितंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ हरिसिंह का निधन हो गया। राजस्थान की राजनीति में इनका नाम दिग्गज नेताओं में शामिल किया जाता था। वहीं 27 सितंबर कोकेरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चंगनासेरी के विधायक सी एफ थॉमस का निधन हो गया।

असम की पहली महिला मुख्यमंत्री सैयदा अनवरा तैमूर का निधन
असम की पूर्व मुख्यमंत्री सैयदा अनवरा तैमूर का निधन हो गया है। वह 84 बरस की थीं। आपको बता कि सैयदा अनवरा तैमूर असम की पहली और एकलौती महिला मुख्यमंत्री थीं। कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई। वो चार बार की कांग्रेस विधायकरह चुकी थीं। वहीं 6 दिसंबर 1980 से लेकर 30 जून 1981 तक असम की मुख्यमंत्री रहीं थी।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अलविदा कह गए ये राजनेता
हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया। सेना के आर एंड आर अस्पताल में उनकी मस्तिष्क की सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे,, जिसके बाद वायरस से संक्रमित होने के कारण उनका निधन हो गया। वहीं रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन भी कोरोना संक्रमण के कारण हुआ। वहीं कोरोना की चपेट में आकर उत्तर प्रदेश सरकार की एकमात्र महिला मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हो गया। इससे पहले पूर्व क्रिकेटर और सैनिक कल्याण और नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी।
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