बीजेपी को एंटी मुस्लिम-दलित छवि से बाहर आना होगा, नहीं तो होगा नुकसान: रामविलास पासवान
वहीं रामविलास पासवान ने कहा कि वो एनडीए को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि केंद्र सरकार और बीजेपी को मुस्लिम विरोधी और दलित विरोधी छवि सुधारने की जरूरत है। नहीं तो इसका नुकसान आगामी लोकसभा चुनाव में हो सकता है। रामविलास पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार के बारे में एक भ्रम फैलाया गया है कि ये दलित विरोधी और मुस्लिम विरोधी सरकार है। सरकार को अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव करने की भले जरूरत ना हो, लेकिन अपने बारे में बने परसेप्शन को बदलने की आवश्यकता है।

'मोदी सरकार को एक और टर्म'
रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में केन्द्रीय मंत्री पासवान ने मोदी सरकार के एक और टर्म की बात तो कहीं लेकिन उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजेपी को अपनी छवि सुधारनी होगी क्योंकि इसकी छवि मुख्य तौर पर अगड़ी जातियों तक ही सीमित है। पासवान ने कहा 'जो कुछ भी सरकार कर रही है वह सभी के लिए किया जा रहा है। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उसने बहुत कुछ किया है। लेकिन, इन सभी चीजों के बावजूद लोगों की राय नहीं अल्पसंख्यकों और सामाजिक तौर पर पिछड़े वर्गों को लेकर नहीं बदल रही है।' रामविलास पासवान ने कहा कि विपक्षी दल बीजेपी के इस ऊंची हिन्दू समर्थन वाली छवि का फायदा उठा सकते हैं जिसको जोरदार तरीके से काउंटर करने की जरूरत है।

एनडीए को छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा
वहीं रामविलास पासवान ने कहा कि वो एनडीए को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं। उन्होंने ने कहा कि मैं यहां बहुत खुश हूं। एक तरफ जहां केन्द्र की सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्ववाली सरकार अपनी छवि को सुधारने में लगी हुई है,तो वहीं दूसरी तरफ उनकी सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान भाजपा की मुस्लिम विरोधी छवि से पार्टी को होने वाले नुकसान से चिंतित है। इसका असर अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव पर पड़ सकता है।

बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
उधर बीजेपी ने कहा है कि रामविलास पासवान की यह टिप्पणी सहयोगी दल की तरफ से एक सकारात्मक आकलन है। बीजेपी के प्रवक्त जीवीएल नरसिम्हाराव ने कहा- हमें इस तथ्य पर सतर्क रहने की जरूरत है कि विपक्षी पार्टियां लगातार गैर-तार्किक मुद्दे को उठाती हैं लेकिन उसमें वे सभी फेल रही है।












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