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राज्यसभा से वॉकआउट में विपक्ष को मिला नया साथी, पर क्या टूट गई होगी ये उम्मीद?

PM Modi speech and opposition walkout from Rajya Sabha: लोकसभा चुनावों के बाद देश में सियासी समीकरण किस तरह से बदल गए हैं, उसका स्पष्ट उदाहरण बुधवार को राज्यसभा में देखने को मिला।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे तो बीच में इंडिया ब्लॉक वाला विपक्ष वॉकआउट कर गया।

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इंडिया ब्लॉक के साथ बीजेडी ने भी किया वॉकआउट
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष पहले ऊपरी सदन में इस बात को लेकर नारेबाजी कर रहा था कि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को टोका टोकी करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद इंडिया ब्लॉक ने सदन से वॉकआउट किया और उसके साथ ही बीजू जनता दल के सांसद भी राज्यसभा से बीच बहस में बाहर चले गए।

ओडिशा की मांगों को जगह नहीं मिली तो बैठने का कोई मतलब नहीं-बीजेडी सांसद
बीजेडी सांसद और राज्यसभा में पार्टी के नेता सस्मित पात्रा भी अपने सहयोगियों के साथ वॉकआउट करने वालों में शामिल थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'यह प्रधानमंत्री का एक और वही रुटीन रिप्लाई था, जिसमें उन्होंने अपनी सरकार की वही उपलब्धियां गिनाईं। जब ओडिशा के लोगों की आकांक्षाओं और मांगों को कोई जगह नहीं मिलती तो एक और चर्चा में बैठने का कोई मतलब नहीं है।'

ओडिशा में बीजेडी को बीजेपी के हाथों मिली है करारी हार
पीएम मोदी की सरकार के पिछले कार्यकाल में हर महत्वपूर्ण मौके पर बीजेडी ने ऊपरी सदन में उनका साथ दिया था। लेकिन, ओडिशा में बीजेपी के हाथों सरकार गंवाने और लोकसभा चुनावों में राज्य से एक भी सीट नहीं जीत पाने के बाद पार्टी का स्टैंड बदला नजर आ रहा है। अलबत्ता, वॉकआउट करने की दलील को इसने अभी तक सिर्फ ओडिशा के मुद्दों तक ही सीमित रखा है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के रवैए का किया विरोध
लेकिन, आंध्र प्रदेश के जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष के इस वॉकआउट से खुद को कोसों दूर कर लिया। राज्यसभा में पार्टी के नेता वी विजयसाई रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष के रवैए की आलोचना भी की है।

'विरोध संसद के लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मिसालों के मुताबिक नहीं'
रेड्डी ने कहा कि 'निंदा की जानी चाहिए।' उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान उन्हें धैर्यपूर्वक सुना जाना चाहिए। वैसे भी वे तो उन्हीं सवालों का जवाब दे रहे थे, जो विभिन्न सांसदों की ओर से उठाए गए थे। वाईएसआरसीपी के सांसद का कहना है कि 'विपक्ष ने जो किया है वह संसद में मजबूत लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मिसालों के मुताबिक नहीं है।'

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में राज्यसभा में ये दोनों दल देते थे साथ
बता दें कि दोनों ही दलों ने पिछले कार्यकाल में हर बड़े मौकों पर राज्यसभा में सरकार के पक्ष में मतदान करके उसके काम को आसान बनाया था, जिसमें जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने जैसा मुद्दा भी शामिल है। वैसे बीते लोकसभा चुनावों में ये दोनों ही दल एनडीए या इंडिया ब्लॉक दोनों में से किसी गठबंधन से नहीं जुड़े थे।

बीजेडी के प्रमुख नवीन पटनायक की अगुवाई में हाल ही पार्टी ने एक फैसला लिया था कि अब से वह ओडिशा से जुड़े मुद्दों पर संसद में आवाज उठाएगी और केंद्र सरकार का विरोध भी करेगी। इस तरह से बुधवार को वॉकआउट में शामिल होकर उसने विपक्षी दलों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

वाईएसआरसीपी ने इंडिया ब्लॉक की तोड़ दी उम्मीद!
लेकिन, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी के टीडीपी के साथ आंध्र प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार में गठबंधन होने के बावजूद विपक्ष को आईना दिखाकर उन्हें झटका दे दिया है। आंध्र प्रदेश में टीडीपी और वाईएसआरसीपी दोनों कट्टर विरोधी दल हैं।

245 सदस्यों वाले ऊपरी सदन में वाईएसआरसीपी के 11 और बीजेडी के 9 सांसद हैं। लेकिन, लोकसभा में बीजू जनता दल का एक भी सांसद नहीं है, जबकि जगन मोहन की पार्टी के 4 सांसद मौजूद हैं। आंध्र प्रदेश में यह पार्टी टीडीपी की अगुवाई वाले एनडीए से सत्ता से बेदखल हुई है, जिसकी अगुवाई केंद्र में भाजपा कर रही है।

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