नरेंद्र मोदी ने गुजरात में लिखी सेक्युलरिज्म की नई इबारत, वो '24 कैरेट सोना': राजनाथ सिंह
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि एकदम 24 कैरेट सोना हैं। नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 20 साल पूरे करने को लेकर एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि पहले गुजरात के सीएम और अब देश के पीएम के तौर पर उनका काम शानदार है। इन 20 सालों में जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने काम किया है, उसे तो स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।

'डिलीवरिंग डेमोक्रेसी: रिव्यू टू डिकेडक्स ऑफ नरेंद्र मोदी एड हेड ऑफ गवर्मेंट' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, आज का कार्यक्रम एक तरह से इक्कीसवीं शताब्दी में भारत के लोकतंत्र ने कैसी करवट ली है और इस बदलाव में नरेंद्र मोदी की भूमिका पर मंथन करना है। हम मोदीजी के इस बीस साल के सफर को देखें, तो पाएंगे कि उनके सामने नई चुनौतियां आती रहीं। पर उन्होंने जिस तरह से उन चुनौतियों का सामना किया वो केस स्टडी के रूप मे मैनेजमेंट स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।
गुजरात में पंथ निरपेक्षता की नई राजनीतिक इबारत लिखी
नरेंद्र मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धान्त के आधार पर गुजरात में पंथ निरपेक्षता की नई राजनीतिक इबारत लिखी। गुजरात को समग्र विकास के पथ पर आगे ले जाते हुए मोदी जी ने समाज के प्रत्येक वर्ग की उन्नति के लिए काम किया।
रक्षामंत्री ने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की जिस खूबी ने मुझे सबसे अधिक प्रभावित किया है वह है उनकी निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता और उनकी कल्पना शक्ति। भाजपा-जनसंघ की विकास यात्रा में धारा 370 का समापन एक ऐसा मुद्दा था जिसको खत्म करना लगभग असंभव सा माना जा रहा था। बहुत से लोग यह आशंका करते थे कि यदि धारा 370 को समाप्त किया गया तो कश्मीर जल उठेगा। उन्होंने उसे करके दिखाया है। आज कश्मीर घाटी में आतंकवादियों का मनोबल टूट चुका है। अब पाकिस्तान भी लाख चाहने के बावजूद कश्मीर के मुद्दे पर समर्थन नहीं जुटा पा रहा है।
पहले की सरकारों में आतंकवादियों के खिलाफ कैसा नरम रवैया रखा जाता था। आतंकी घटनाएं होती थी तो उनको 'सेफ पैसेज' देने की बात होती थी, पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने या न खेलने पर बात होती थी। अब हम मैच खेलने या न खेलने की भी बात नही करते क्योंकि हमने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ अब कारवाई सीमा के इस तरफ तो हो रही है, जरूरत पड़ने पर सीमा पार भी हो रही है।
कोरोना में भी किया शानदार काम
राजनाथ सिंह ने कहा, कोरोना का संकट आया तो बहुत सारी आशंकाएं व्यक्त की गई मगर बड़े पैमाने पर काम हुआ और देश में बड़े पैमाने पर पीपीआई किट्स, टेस्ट किट्स, वेंटिलेटर बनाने का काम बहुत कम समय में हुआ। फिर यही चीज आक्सीजन सप्लाई के बारे में देखने को मिली। अब वैक्सीनेशन को ही लीजिए। कोरोना संकट के पहले देश में वैक्सीन बनाने की सुविधा नहीं थी। देश के वैज्ञानिकों ने संकल्प लिया और प्रधानमंत्री ने उनके सामथ्र्य पर विश्वास करके पूरे देश को जल्द से जल्द मुफ्त वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया। लोगों ने संदेह जताया कैसे होगा, मगर हुआ। राजनाथ सिंह ने कहा कि सौ साल पहले गांधीजी इस देश में स्वदेशी की वकालत कर रहे थे। लगभग साठ साल पहले पंडित दीन दयाल उपाध्याय 'स्वदेशी' की बात कर रहे थे। नब्बे के दशक में भाजपा ने भी इस मुद्दे को बढ़-चढ़ कर उठाया। अब मोदीजी स्वदेशी 4.0' लेकर आए हैं:आर्थिक उदारीकरण के बाद अब देश को आर्थिक सशक्तिकरण की जरूरत है जिसकी जमीन 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' और 'वोकल फॉर लोकल' के अभियान से तैयार की जा रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत एक स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में पूरी दुनिया में पहचाना जाता है। मगर हमें इतने से ही संतुष्ट नहीं होना है क्योंकि यह तो अभी एक शुरूआत भर है। हमारा अगला लक्ष्य है देश को 5 ट्रिलियन डॉलर का अर्थव्यवस्था बनाना है।












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