जयंती नटराजन: राजीव से दोस्ती राहुल से कट्टी
नई दिल्ली। इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस को जहां राहुल गांधी और सोनिया गांधी सुधारने की जुगत में लगे है वहीं दूसरी ओर उसके अपने वरिष्ठ और काबिल नेताओं के विरोध ने उनकी कोशिशों का नाकाम कर दिया है। ताजा बवाल जयंती नटराजन के रूप में सामने आया है, जिन्होंने आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि राहुल उनके काम में दखल देते थे जिसकी वजह से वो अब दुखी होकर पार्टी छोड़ रही हैं।

आपको बता दें जयंती नटराजन का राजनीतिक करियर, 1980 के दशक में राजीव गांधी की वजह से शुरू हुआ। वे पहली बार 1986 में राज्यसभा के लिए चुनी गईं। राजीव गांधी की गुड लिस्ट में जयंती नटराजन को गांधी परिवार के काफी करीबी माना जाता था लेकिन राजीव गांधी की मृत्यु के बाद उनकी तल्खी सोनिया गांधी से बढ़ती ही गयी और कई मौकों पर वो सामने भी आयी और शायद उसी का नतीजा है कि आज जयंती नटराजन ने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है।
मेरे 30 साल के राजनैतिक कैरियर को राहुल गांधी ने बर्बाद कर दिया- जयंती नटराजन
मालूम हो कि 90 के दशक में जयंती नटराजन भी नाराजगी सामने आयी थी और उन्होंने तत्कालीन पीएम नरसिम्हा राव से खिलाफ होकर पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने जी के मूपनार के नेतृत्व तमिल मानिला कांग्रेस की स्थापना की और 1997 में टीएमसी सदस्य के रूप में दोबारा चुनी गईं थीं। लेकिन मूपनार की मृत्यु के बाद टीएमसी के नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलने का निर्णय लिया और उसके बाद सोनिया गांधी ने जयंती नटराजन को पार्टी का प्रवक्ता बना दिया था।
राजीव गांधी की बेहद करीबी थीं जंयती नटराजन
लेकिन आज जयंती नटराजन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका कहना है कि जब वह पर्यावरण मंत्री थी तो राहुल गांधी उनके काम में दखल देते थे। कई महत्वपूर्ण मामलों में राहुल गांधी और उनके कार्यालय से कई खास अनुरोध मिले थे। जयंती नटराजन ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की ओर से वो लगातार उपेक्षित होती रही हैं। राहुल गांधी ने कभी भी उनकी इज्जत नहीं की। राहुल गांधी की ओर से हो रहे पिछले एक साल की उपेक्षा और अपमान ने उनके 30 साल के राजनीतिक जीवन को तबाह कर दिया।












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