राजीव गांधी फाउंडेशन पर कार्रवाई को लेकर भड़की कांग्रेस: बदनाम करने और ध्यान भटकाने के लिए ऐक्शन
राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस भड़क गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह सब पार्टी को बदनाम करने और देश के सामने मौजूदा मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथकंडा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की अगुवाई वाली दोनों गैर-सरकारी संगठनों का विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस को कानून के उल्लंघन के आरोप में कैंसिल कर दिया है। मोदी सरकार की इसी कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने अपनी पार्टी का पक्ष रखा है।

पार्टी को बदनाम करने और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए-कांग्रेस
राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 'उन्होंने (केंद्र सरकार) आरजीएफ और आरजीसीटी के खिलाफ पुराने आरोपों को रीसाइकल किया है। यह कांग्रेस को बदनाम करने और उनके सामने रोजाना के मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए किया गया है।' उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ने, बेरोजगारी और रुपया गिरने से देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है।
'राजीव गांधी हमेशा सद्भावना और समावेशी विचारों के साथ खड़े रहे'
जयराम ने कहा कि 'दीपावली वीकेंड में गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट दोनों का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है.....' कांग्रेस ने कहा कि दोनों संगठन ट्रस्ट और चैरिटी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद स्थापित किए गए थे, जो सद्भावना और समावेशी, सतत विकास के विचारों के लिए खड़े रहते थे।
दोनों संगठनों ने ईमानदारी से काम किया है- कांग्रेस
रमेश ने दावा किया कि 'ये ट्रस्ट हमेशा प्रकृति में विशुद्ध रूप से चैरिटेबल रहे हैं और सभी कानूनों और विनियमों का पालन करते आए हैं। ट्रस्टों के द्वारा हर साल ऑडिट, कार्यक्रम संबंधी गतिविधियां और वित्तीय घोषणाओं से लेकर रिटर्न दाखिल करने तक की सभी वैधानिक जरूरतों का ईमानदारी से पालन किया गया है। एफसीआरए रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए जाने की पृष्ठभूमि किसी भी व्यक्ति को स्पष्ट होनी चाहिए, जो मौजूदा व्यवस्था की प्रकृति को समझता है।' कांग्रेस ने यह भी कहा कि दोनों संगठन अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देगा और अगर जरूरी हुई तो कानूनी कार्रवाई करेगा।
दरअसल, शनिवार को केंद्र सरकार ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की अगुवाई वाले कांग्रेस से जुड़े दोनों संगठनों का विदेशी फंडिंग कानून के उल्लंघन के आरोपों में एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था। सोनिया गांधी राजीव गांधी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं और उनके दोनों बच्चों के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम जैसे कांग्रेसी नेता इसके ट्रस्टियों में शामिल हैं। (पीटीआई इनपुट के साथ)
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