Rajiv Gandhi Death Anniversary पर प्रियंका गांधी का भावुक संदेश, "देशभक्ति का असली मतलब पिता से जाना"
Rajiv Gandhi Death Anniversary: देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 34वीं पुण्यतिथि पर पूरे भारत में श्रद्धांजलियों का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी को 'बलिदान दिवस' के रूप में याद किया और उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपने पिता को याद करते हुए दिल्ली स्थित वीर भूमि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पापा, आपकी यादें हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती हैं। मैं आपके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेता हूं - और उन्हें पूरा करके रहूंगा।"
Rajiv Gandhi Death Anniversary: पिता को याद कर भावुक हुईं प्रियंका गांधी
राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने पिता को याद करते हुए भावुक संदेश सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया। प्रियंका गांधी ने लिखा, "मैंने देशभक्ति का असली अर्थ राजीव जी से सीखा - अपने देश के प्रति सच्चे रहना, देशवासियों का सम्मान करना, हर संघर्ष के बावजूद अपने कर्तव्यों को निभाना और अंततः अपने देश के लिए मुस्कुराते हुए मरना।"
प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट किया कि उनके पिता केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक सच्चे देशभक्त थे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, "आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजीव गांधी को "भारत का महान पुत्र" बताया और कहा कि उन्होंने ऐसे दूरदर्शी सुधारों की नींव रखी जिनसे भारत 21वीं सदी की ओर अग्रसर हुआ।
सचिन पायलट ने लिखा, "राजीव गांधी जी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने अपने प्रगतिशील दृष्टिकोण और आधुनिक सोच से देश को नई दिशा दी। उनकी नीतियों ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।"
Rajiv Gandhi थे आधुनिक भारत के निर्माता
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वे 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष बने और भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने, जब उन्होंने महज 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
राजीव गांधी का कार्यकाल 1984 से 1989 तक चला। इस दौरान उन्होंने भारत के आर्थिक और तकनीकी आधुनिकीकरण की नींव रखी। उन्होंने कंप्यूटर, दूरसंचार और शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार लागू किए।
1988 में उनके नेतृत्व में नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज़ (NASSCOM) की स्थापना हुई, जिसने भारत के सॉफ्टवेयर उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई। उनके कार्यकाल में कंप्यूटर शिक्षा को स्कूलों और विश्वविद्यालयों में बढ़ावा दिया गया।
Rajiv Gandhi Death Anniversary: बलिदान दिवस स्मृतियों की छाया में
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान लिट्टे (LTTE) द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी मृत्यु न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरा आघात थी।
राजीव गांधी को आज भी आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद किया जाता है। उनके द्वारा शुरू किए गए सुधारों और तकनीकी पहलों ने भारत को 21वीं सदी की ओर अग्रसर किया। उनकी पुण्यतिथि पर देश भर में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों ने एक बार फिर याद दिलाया कि सच्चे राष्ट्रनिर्माता केवल पदों से नहीं, विचारों और कर्मों से पहचाने जाते हैं।












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