रजनीकांत के फैसले पर छलका बड़े भाई का दर्द, कहा- कोई भी उन्हें मजबूर नहीं कर सकता
राजनीति में ना आने के फैसले पर अब रजनीकांत के बड़े भाई का बयान सामने आया है।
नई दिल्ली। Superstar Rajinikanth will not enter politics. सुपरस्टार रजनीकांत के समर्थक मंगलवार को उस वक्त मायूस हो गए, जब उन्होंने ऐलान किया कि वो राजनीतिक पार्टी का गठन नहीं करेंगे। रजनीकांत ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक चिट्ठी पोस्ट की और लिखा, 'बहुत भारी दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि मैं राजनीति में प्रवेश नहीं कर सकता। इस फैसले का ऐलान करते हुए मुझे कितना दुख हो रहा है, इस बात को केवल मैं ही जानता हूं।' रजनीकांत के इस फैसले को लेकर अब उनके बड़े भाई आर सत्यनारायण राव का बयान सामने आया है।

'हमें भी भरोसा था कि वो पार्टी बनाएंगे'
आर सत्यनारायण राव ने रजनीकांत के राजनीति में ना जाने के फैसले पर कहा, 'मेरे भाई की यही इच्छा है और कोई भी उन्हें अपना मन बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।' उनसे जब पूछा गया कि लोगों को रजनीकांत से काफी उम्मीदें थी और ऐसे में उनके समर्थकों को निराशा होगी तो सत्यनारायण राव ने बताया, 'हमें भी इस बात का पूरा भरोसा था कि वो एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगे।'
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'रजनीकांत जो कहते हैं, उसे जरूर पूरा करते हैं'
सत्यनारायण राव ने आगे कहा, 'रजनीकांत ने स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से ये फैसला लिया है। इसलिए, हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते। राजनीतिक पार्टी बनाना या ना बनाना उनकी अपनी इच्छा है। अब उन्होंने जो भी फैसला लिया़, वो निश्चित रूप से सही है। अभी कल ही मैंने रजनीकांत से उनकी सेहत को लेकर बातचीत की थी। कुछ दिन पहले वो भी मुझसे मिलने बेंगलुरु आए थे। यहां तो रजनीकांत का बचपन गुजरा है। उनके ऊपर गुरु की कृपा है। वो एक ऐसा इंसान है, जो अपनी बात पर कायम रहता है। रजनीकांत जो कहते हैं, उसे जरूर पूरा करते हैं।'

'ये मेरे लिए भगवान की चेतावनी जैसा है'
इससे पहले रजनीकांत ने अपनी चिट्ठी में लिखा, 'मेरा यह फैसला मेरे प्रशंसकों और लोगों को निराश करेगा, लेकिन कृपया मुझे माफ कर दीजिए। मैं बिना चुनावी राजनीति में उतरे ही जनता की सेवा करूंगा। अस्पताल में मेरा भर्ती होना मेरे लिए भगवान की चेतावनी की तरह है। कोरोना वायरस महामारी के बीच चुनावी अभियान से मेरी तबीयत पर असर पड़ेगा। जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।'

रजनीकांत ने कही थी आध्यात्मिक धर्मनिरपेक्ष राजनीति की बात
आपको बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में रजनीकांत ने ऐलान किया था कि जनवरी में वो अपनी राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करेंगे। रजनीकांत ने कहा था कि वो धर्म और जाति की राजनीति से अलग तमिलनाडु में एक आध्यात्मिक धर्मनिरपेक्ष राजनीति लेकर आएंगे। पिछले दिनों उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या के चलते हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें रविवार को छुट्टी मिली।

रजनीकांत के फैसले पर कमल हासन ने क्या कहा
वहीं, रजनीकांत के इस फैसले को लेकर फिल्म अभिनेता और मक्कल निधि मय्यम पार्टी के अध्यक्ष कमल हासन ने भी हैरानी जताई। कमल हासन ने कहा, 'अपने चुनावी अभियान के बाद मैं एक बार फिर रजनीकांत से मिलूंगा। उनके फैंस और समर्थकों की तरह इस फैसले से मैं भी निराश हूं, लेकिन मेरे लिए उनकी तबीयत का सही रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है।'

कब हैं तमिलनाडु में विधानसभा के चुनाव
दरअसल, इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि साल 2021 में होने वाले तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में रजनीकांत और कमल हासन साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि दोनों की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं, जिनके लिए मई 2021 में चुनाव हो सकते हैं।'












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