तूतीकोरिन हिंसा: रजनीकांत ने क्यों किया सरकार का बचाव?
चेन्नई। तमिल फिल्मों के भगवान कहे जाने वाले अभिनेता रजनीकांत बुधवार को तूतीकोरिन (तुत्तुकुड़ी) में स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल हुए लोगों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे, घायलों से मिलने के बाद वो मीडिया से मुखातिब हुए। हाल ही में अभिनेता से नेता बने रजनीकांत ने कहा कि स्टरलाइट प्लांट अब कभी नहीं खुलना चाहिए, जो कुछ भी हुआ है उसनें प्लांट के मालिकों का रवैया बेहद ही 'अमानवीय' रहा है, ये एक शर्मनाक बात है, हालांकि उन्होंने इस हिंसा के लिए असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहाराया, मालूम हो कि रजनीकांत ने मृतकों के परिवार वालों के लिए 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।
बात-बात पर सरकार से इस्तीफा नहीं मांगते: रजनीकांत
हालांकि रजनीकांत इस पूरे मामले पर सरकार का बचाव करते नजर आए, उन्होंने कहा कि हर मामले पर सरकार से इस्तीफां मांगना जरूरी नहीं है,वो अपना काम बखूबी कर रही है लेकिन जो कुछ भी हुआ है वो गलत हुआ है, मैं राज्य सरकार से अपील करता हूं कि वो हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए।
'वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी हो सख्त कार्रवाई'
तो वहीं अभिनेता ने कहा कि एक्शन तो उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी खिलाफ होना चाहिए जिन्होंने प्रदर्शन करने वाले लोगों पर फायरिंग की इजाजत दी थी। रजनीकांत ने कहा कि पुलिस को इस दौरान संयम बरतना चाहिए था।
विरोध प्रदर्शन 22 मई को अचानक काफी उग्र हो गया...
मालूम हो कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन के खिलाफ पिछले तीन महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन 22 मई को अचानक काफी उग्र हो गया था, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी थी।

राज्य सरकार ने स्टरलाइट प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया है
बस इसके बाद वहां हिंसा भड़क गई थी, इस पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे, तब से ही विरोधी दल इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं और सरकार से इस्तीफा मांग रहे हैं। फिलहाल राज्य सरकार ने स्टरलाइट प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया है।












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