'कर्नाटक का नाटक' खत्म, अब राजस्थान की बारी...दिल्ली तलब किए गए अशोक गहलोत और सचिन पायलट
Ashok Gehlot vs Sachin Pilot: कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक में सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार को एक साथ लाने में सफल रहे और पार्टी अब उसी फॉर्मूले को राजस्थान में आजमाना चाहती है।

Rajasthan Congress crisis Ashok Gehlot vs Sachin Pilot: कांग्रेस हाईकमान राजस्थान कांग्रेस में चल रही आंतरिक कलह को हल करने में अब जुटी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच चल रहे मनमुटाव को खत्म करने के लिए आज दिल्ली में दोनों नेताओं को तलब किया गया है।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अलग-अलग बैठकों के लिए सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट को बुलाया गया है। राजस्थान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह एक महत्वपूर्ण बैठक है।
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही कड़वाहट को दूर करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व पुरजोर कोशिश कर रहा है और ऐसा लगता है कि दोनों नेताओं के बीच की खींचतान खत्म हो सकती है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच 2020 से सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है।
राहुल गांधी भी हो सकते हैं बैठक में शामिल
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के अलावा पार्टी नेता राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने गहलोत के दिल्ली दौरे की पुष्टि करते हुए उनका कार्यक्रम भी जारी किया है, जहां वे राजस्थान हाउस की आधारशिला भी रखेंगे।
कांग्रेस को पायलट का 'अल्टीमेटम'
प्रस्तावित बैठक सचिन पायलट के उस "अल्टीमेटम" के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर इस महीने के आखिर तक राज्य सरकार से की गई तीन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
सचिन पायलट ने अपनी मांगों में से एक के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक राज्य के सभी नेताओं के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठक 26 मई को होनी थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अब इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आलाकमान गहलोत और पायलट को अलग-अलग एक मंच पर लाने के लिए मुलाकात करेगा।
सचिन पायलट की 'जन संघर्ष यात्रा'
पिछले महीने सचिन पायलट ने भाजपा के कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर अपनी ही सरकार से कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन किया था। कांग्रेस द्वारा उन्हें चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, सचिन पायलट ने शहीद स्मारक, जयपुर में अपना दिन भर का अनशन किया।
बाद में 11 मई 2023 को, वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को उठाने के लिए पायलट ने अजमेर से जयपुर तक 125 किलोमीटर की 'जन संघर्ष यात्रा' शुरू की। समन के बाद सचिन पायलट ने अपना दौरा रद्द कर दिया और दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
सचिन पायलट ने एक रैली में कहा, 'अगर इस महीने के अंत तक इन तीन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य में आंदोलन शुरू किया जाएगा।'
सचिन पायलट की तीन मांगे हैं, पहली, राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भंग किया जाए और इसका पुनर्गठन हो। दूसरा, सरकारी नौकरी परीक्षा पेपर लीक मामलों से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा मिले। तीसरा, पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की जाए।












Click it and Unblock the Notifications