राजस्थान: सियासी संकट में कांग्रेस को मिला ट्राइबल पार्टी का साथ, गहलोत को सौंपा समर्थन पत्र
राजस्थान के सियासी संकट में गहलोत को मिला ट्राइबल पार्टी का साथ
नई दिल्ली। राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक के बीच भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने कांग्रेस को समर्थन का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने शनिवार को अशोक गहलोत से मिलकर उनको अपना समर्थन का पत्र सौंपा। बीटीपी के राजस्थान में दो विधायक हैं। बीटीपी ने शनिवार को कहा है कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को वोट दिया है और हम चाहते हैं कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे।
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बीटीपी के रुख में आया बदलाव
कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बगावती तेवर अपनाते हुए 19 विधायकों के साथ हरियाणा जाने के बाद बीटीबी ने राजस्थान की गहलोत सरकार से किनारा कर लिया था। पार्टी ने अपने विधायकों को कहा था कि किसी के भी पक्ष में वो वोट ना करें। शनिवार को पार्टी के रुख में बदलाव आया है और कांग्रेस सरकार के समर्थन का ऐलान किया है।
हम कांग्रेस के पक्ष में करेंगे वोट
बीटीपी के विधायक रामप्रसाद और राजकुमार रौत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश जनमत के साथ धोखा है। हम इसके पक्ष में नहीं है और सरकार के साथ हैं। अगर फ्लोर टेस्ट होता है, तो हम कांग्रेस और गहलोत का समर्थन करेंगे। दोनों विधायकों ने ये भी कहा कि सरकार से हमारी कुछ मांगें थीं, जिसे मान लिया गया है और हम कांग्रेस के साथ आए हैं। बता दें कि क्षेत्रीय दल 'भारतीय ट्राइबल पार्टी' के दोनों विधायकों नेअभी तक अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया हुआ था लेकिन हाल में वोटिंग में हिस्सा ना लेने की बात गहलोत को झटके की तरह देखी गई थी।

गहलोत कर रहे हैं बहुमत होने का दावा
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं। फिलहाल कांग्रेस के 107 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस को निर्दलीय और कुछ अन्य छोटे दलों के विधायकों का समर्थन भी हासिल है। कुल मिलाकर यह संख्या 123 तक पहुंचती है। बीजेपी के 72 विधायक हैं। साथ ही उन्हें 3 अन्य छोटे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल है। मौजूदा समय में सचिन पायलट का दावा है कि उनके पास 25 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है और गहलोत सरकार अल्पमत में है। वहीं गहलोत का कहना है कि उनके पास 107 विधायक हैं और सरकार को कोई परेशानी नहीं है।












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