घुसपैठियों के खिलाफ राज ठाकरे का जुलूस, CAA का विरोध कर रहे मुस्लिमों से पूछा ये सवाल
मुंबई। देश में रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ मोदी सरकार के चलाए गए मुहिम को अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे का भी साथ मिल गया है। रविवार को उन्होंने राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं ने अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानी आप्रवासियों को हटाने की मांग को लेकर आजाद मैदान में एक रैली विशाल रैली निकाली। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने रैली को संबोधित करते हुए घुसपैठियों के भारत छोड़ने की चेतावनी दी है।

महाराष्ट में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी रही शिवसेना के कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने के बाद अब महाराष्ट्र में एक नई राजनीतिक दोस्ती उभरती हुई नजर आ रही है। मनसे चीफ राज ठाकरे एक बार फिर से हिंदुत्व की राजनीति को आगे बढ़ाकर अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। घुसपैठियों के खिलाफ रैली निकालकर उन्होंने बीजेपी और मोदी सरकार के मुहिम में अपना समर्थन दर्ज कराया है।
मुंबई के आजाद मैदान में हुई इस रैली से पहले राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रैली से पहले एक मार्च निकाला जाएगा जोकि हिंदू जिमखाना क्लब से शुरू हुआ, इसकी अगुवाई खुद राज ठाकरे ने की। आजाद मैदान में राज ठाकरे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि जो मुस्लिम लोग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहे थे, वे ऐसा कर क्यों रहे थे। सीएए उन मुसलमानों के लिए नहीं है जो यहां पैदा हुए थे। आप किसको अपनी ताकत दिखा रहे हैं?'
उद्धव ठाकरे के घर के बाहर लगाए थे पोस्टर
महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने एक पोस्टर लगाया था। पोस्टर में लिखा है कि 'आदरणीय सीएम, अगर आप अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गंभीर हैं, तो अपने बांद्रा इलाके को साफ करके शुरू करें जो पहले घुसपैठियों से भरा हुआ है'। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब एमएनएस ने पोस्टर के माध्यम से देश में रह रहे घुसपैठियों को चेतावनी दी हो। इससे पहले भी राज ठाकरे की पार्टी ने पोस्टर लगाए थे।
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