भतीजे आदित्य के चुनाव लड़ने पर चाचा राज ठाकरे ने जताई खुशी, लेकिन इस बात का है दुख
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में इस बार का विधानसभा चुनाव काफी खास है, सभी राजनीतिक पार्टियों के बीच जनता को लुभाने की होड़ जारी है। वहीं शिवसेना के लिए यह चुनाव और भी खास होने वाला है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब शिवसेना के निर्माण के बाद ठाकरे परिवार को कोई सदस्य चुनाव लड़ रहा है। बता दें, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे मुंबई के वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। आदित्य के चुनाव लड़ने पर उनके चाचा राज ठाकरे ने उनका समर्थन किया है।

एक मीडिया प्रोग्राम में राज ठाकरे ने कहा कि, वह आदित्य के चुनाव लड़ने के फैसले की सराहना करते हैं और इसका समर्थन भी करते हैं यह उनका निजी फैसला है। उन्होंने पुरानी बातों को याद करते हुए बताया कि, दिवंगत बाला साहेब ठाकरे एक व्यंग चित्रकार थे। उस समय उनके पिता ने कहा था कि वह बाल ठाकरे के कभी स्कूल ऑफ आर्ट्स में नहीं भेजेंगे क्योंकि इससे उनका हाथ खराब हो जाएगा। राज ठाकरे ने आगे कहा, जब मैं और उद्धव बड़े हुए तो बाल ठाकरे ने हमें कुछ भी करने से नहीं रोका इसलिए हम भी अपने बच्चों को कुछ भी करने से नहीं रोकेंगे।
बता दें कि, एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने वर्ली सीट से आदित्य ठाकरे के खिलाफ अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। उन्होंने कहा कि, मुझे नहीं पता आदित्य मेरे बारे में क्या सोचते हैं, टिकट मिलने के बाद आदित्य उनके आज तक आशीर्वाद लेने नहीं आए हैं लेकिन वह वर्ली सीट से उनके साथ हैं। राज ठाकरे ने भतीजे आदित्य ठाकरे को जीत का आशीर्वाद दिया है। बता दें, महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान होने हैं और 24 को वोटों की गिनती की जाएगी। राज्य में विधानसभा की 288 सीटें हैं।
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उत्तर भारतीयों के प्रति नरम पड़े राज ठाकरे
महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के प्रति तीखे तेवर दिखाने वाले राज ठाकरे का व्यवहार इस विधानसभा चुनाव में बदला-बदला से नजर आ रहा है। पिछले 10 सालों से उत्तर भारतीयों के खिलाफ जहर उगलने वाले राज ठाकरे इस बार खुलकर अभी उत्तर भारतीयों के खिलाफ बेलने से बचते नजर आ रहे हैं। इस चुनाव में वह सिर्फ विपक्ष का नेता बनने के लिए जरूरी सीटों पर जीत पाना चाहते हैं।












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