Railway Budget 2016: प्रभु के रेल बजट के किस कोने में छिपे होंगे कॉकरोच और चूहे
इंदौर। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के रेल-बजट 2016 से पूरे देश को बहुत सारी उम्मीदें हैं लेकिन एक बात का ध्यान प्रभु को जरूर अपने बजट में रखना होगा वो भी प्रमुखता से.. और वो है चूहों और कॉकरोच का। आज भी रेल के पुराने डिब्बे चूहों और कॉकरोच से भरे पड़े हैं, जिनसे निजात पाना बहुत ज्यादा जरूरी है।
कुछ साल पहले इस बात के मद्देनजर 10 करोड़ खर्चे हुए थे लेकिन इस बात को आधारभूत फायदा नहीं मिला है क्योंकि रेल यात्रियों के सामान कुतरने पर रेलवे को मुआवजे के रूप में करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि इस बार सुरेश प्रभु एक बड़ी धनराशि इस बात के मद्देनजर रखेंगे जिसके लिए शायद यात्रियों की जेब पर कुठाराघात हो सकता है।
क्या-क्या हो सकता है
- चूहों और काकरोच से निपटने के लिए रेलवे ट्रेनों में पेस्टकंट्रोल सहित चिपकूगम प्लेट का सहारा ले सकता है जो कि आम तौर पर काफी महंगा होता है।
- इस पेस्ट को कोच में रखने पर चूहे और काकरोच उसमें चिपक जायेंगे जिसके लिए खबर है कि रेलवे ने सालाना 10 करोड़ खर्च करने का मन बनाया है और अगर ये सही है तो हो सकता है कि रेल किराया बढ़े।
चूहों से करोड़ों का नुकसान
इस सर्वे के मुताबिक हर साल रेलवे को चूहों और काकरोच के कारण करोड़ों का नुकसान होता है क्योंकि चूहे केवल यात्रियों का सामान ही खराब नहीं करते बल्कि चूहे कोच में तार, लकड़ी, रबर आदि भी काट देते हैं तो वहीं काकरोच के कारण सबसे ज्यादा नुकसान खाने-पीने की चीजों में होता है इसलिए हो सकता है कि प्रभु के बजट में हो चूहे भी और काकरोच भी।













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