बालासोर हादसे से पहले रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल हेड को दी थी चेतावनी
ओडिशा रेल हादसे में जिस तरह से सैकड़ों लोगों की जान गई उसके बाद इसको लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल इस हादसे से तकरीबन दो महीने पहले रेलवे बोर्ट ने सभी जोन के हेड को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया था कि किसी भी तरह के शॉर्ट कट तरीके को ना अपनाएं।
रेलवे बोर्ड पांच अनसेफ हादसों का जिक्र किया था, जिसमे सिग्नल गियर में खराबी का जिक्र किया गया था। मरम्मत कार्य के बाद इन सिग्नलिंग गियर को बिना सही से चेक किए ही जोड़ दिया गया था।

इन घटनाओं का जिक्र करते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जनरल मैनेजर्स को निर्देश दिया था कि वह इसकी समीक्षा करें, हर हफ्ते सुरक्षा को लेकर डिविजनल हेडक्वार्टर स्तर पर बैठक करें। बोर्ड ने हर जोन को 3 अप्रैल को जो पत्र लिखा था उमसे कहा था कि हाल ही में पांच ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिसमे असुरक्षित तरीकों को अलग-अलग जोनल रेलवे में अपनाया गया। यह खतरनाक है, जोकि गंभीर मसला है।
सिग्नलिंग गियर्स को सिग्नलिंग एंड टेलीकॉम स्टाफ की ओर से बिना सही से पड़ताल किए ही जोड़ दिया गया था। कहीं गलत वायरिंग की गई तो कहीं पर स्विच टर्नआउट को बदला गया। यह तरह के तरीके अपनाना बिल्कुल गलत है। इस तरह की लापरवाही से ट्रेनों के संचालन में हादसे हो सकते हैं, सुरक्षा को खतरा बन सकता है, लिहाजा इस तरह के अभ्यास को तुरंत रोका जाना चाहिए।
इस पत्र को बालासोर रेल हादसे के तकरीबन दो महीने पहले भेजा गया था। पत्र में बोर्ड की ओर से कहा गया है कि लगातार कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी जमीन पर स्थिति नहीं बदल रही है, सिग्नलिंग स्टाफ के तरीकों में सुधार नहीं हो रहा है और शॉर्ट कट तरीकों को अपनाया जा रहा है।
पत्र में कहा गया है कि इंजीनियरिंग स्टाफ, सिग्नल सेंटेनेंस और मरम्मत कार्यों को आपस में तालमेल होना चाहिए। गियर्स को सही से टेस्टिंग के बाद ही जोड़ा जाना चाहिए, जिससे सिग्नलिंग सिस्टम को सुरक्षित किया जा सके। बता दें बालासोर रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हुए थे।












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