इस वजह से रेलवे ने लोको पायलट को अल्कोहल सैनेटाइजर इस्तेमाल से किया मना, हो रही थी ये दिक्कत
नई दिल्ली। कोरोना काल में हर किसी को सलाह दी जा रही है कि वह समय-समय पर अपने हाथ धोते रहे और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करते रहे। लेकिन रेलवे ने तमाम लोको पायलट से कहा है कि वह एल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल नहीं करें। रेलवे की ओर से कहा या है कि ड्यूटी पर आने से आधे घंटे पहले वह सैनेटाइजर का इस्तेमाल नहीं करें। यह निर्देश वेस्ट सेंट्रल रेलवे के भोपाल डिविजन ऑफिस ने सभी लोको पायलट को शनिवार को जारी किया है। दरअसल अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने की वजह से लोको पायलट्स का ब्रीथ अल्कोहल टेस्ट सही से नहीं हो पा रहा है, यही वजह है कि लोको पायलट के लिए यह निर्देश जारी किया गया है।

दरअसल लोको पायलट को ड्यूटी पर आने से पहले अपना बैट (ब्रीथ अल्कोहल टेस्ट)कराना पड़ता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोको पायलट नशे की हालत में ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। लेकिन अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने की वजह से इस टेस्ट में सही नतीजे सामने नहीं आ पा रहे थे। लोको पायलट के ब्लड टेस्ट में तो अल्कोहल नहीं पाया जाता था, लेकिन ब्रीथ अल्कोहल टेस्ट में अल्कोहल पाए जाने की वजह से रेलवे को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।
अधिकारी ने बताया कि इस मुश्किल के सामने आने के बाद हमने विशेषज्ञों से बात की और उनकी इस मामले में सलाह ली, जिसके बादद हमे इस बात की जानकारी मिली कि लोको पायलट के ब्रीथ टेस्ट के दौरान मशीन में अल्कोहल की मौजूदगी दिखती है, क्योंकि सैनेटाइजर के इस्तेमाल से इसकी गंध नहीं जाती और यह मशीन में दर्ज हो जाती है। भोपाल डिविजनल रेलवे मैनेजर उदय बोरवांकर ने कहा कि ट्रे्न पर लोको पायलट को ड्यूटी से भेजने से पहले बैट जरूरी है क्योंकि हम यात्रियों के साथ किसी भी तरह का जोखिम नहीं ले सकते हैं। ट्रेन चलाते समय पायलट का पूरा चौकन्ना रहना और सभी इंद्रियों का ठीक से काम करना जरूरी है।












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