राहुल गांधी ने वायनाड के लिए पीएम मोदी से मांगी मदद, वार्निंग सिस्टम लगाने की मांग की
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने लोकसभा क्षेत्र वायनाड में लोगों की आजीविका और जैव विविधता की रक्षा में मदद करने के लिए पत्र लिखा है। बता दें कि वायनाड केरल के सबसे अधिक प्रभावित हुए जिलों में से एक है। यही नहीं राहुल गांधी ने पीएम मोदी से वायनाड के लोगों को प्राकृतिक आपदा से पहले ही अलर्ट करने के लिए वार्निंग सिस्टम लगाने की मांग भी की है।

हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे से वापस आए राहुल गांधी ने इस बात की विस्तृत जानकारी दी कि किस तरह से वन कटाव ने स्थानीय लोगों की आजीविका को प्रभावित किया है। वायनाड में कृषि और पशुपालन लोगों के मुख्य आधार हैं। हालाँकि, धान की खेती जो आर्द्रभूमि को भी बनाए रखती है और इसमें अतिरिक्त वर्षा जल को धारण करने और बाढ़ से होने वाली क्षति को कम करने की क्षमता है। जोकि 1970 के दशक से लगातार घट रहा है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि, क्षेत्र में संकट के कारण पिछले दो दशकों में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की है। कांग्रेस सांसद ने पश्चिमी घाट की घटती जैव विविधता पर भी ध्यान आकर्षित किया। राहुल गांधी ने अपने इस पत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो समाधान सुझाए हैं। एक- प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और बाढ़ / भूस्खलन शेल्टर और दूसरा- लोगों की आजीविका के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यावरण के लिए एक दीर्घकालिक योजना।
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों से मिलने के लिए राहुल गांधी मंगलवार को वायनाड में एक राहत शिविर कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों से मिलकर सभी प्रकार की मदद मुहैया कराने आश्वासन दिया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित पुथुमाला में राहुल गांधी ने कहा कि यहां भूस्खलन के कारण मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहुल गांधी ने सोमवार को अपने लोकसभा क्षेत्र वायनाड में मेप्पाडी के पुथुमाला का दौरा किया था, जहां भूस्खलन हुआ था। कांग्रेस नेता ने केन्द्र और राज्य सरकारों से बाढ प्रभावित लोगों की मदद किये जाने का अनुरोध किया है।












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