राहुल गांधी ने लॉकडाउन को बताया फेल तो रविशंकर प्रसाद ने दिया जवाब, झूठ बोलने से पहले देख लें ये आंकड़े
नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर भारत में राजनीति का दौर शुरू हो चुका है, विपक्ष लगातार मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा रहा है तो केंद्र के मंत्री उन्हें राजनीति ना करने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार द्वारा लागू देशव्यापी लॉकडाउन के फेल बता दिया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद से भारतीय जनता पार्टी के कई नेता और केंद्रीय मंत्रियों ने उनपर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, लॉकडाउन को लेकर कांग्रेस शासित राज्यों सरकारों ने भी फैसला लिया है।

राहुल गांधी का बयान
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि कोरोना से निपटने में सरकार नाकाम दिख रही है। राहुल ने प्रेस वार्ता में कहा, भारत दुनिया का अकेला देश है जहां उस समय लॉकडाउन हटाया जा रहा है, जब वायरस सबसे तेजी से फैल रहा है। लॉकडाउन का उद्देश्य पूरी तरह से विफल हो गया है। लॉकडाउन पूरी तरह से फेल रहा है और इसी नाकामी का सामना भारत कर रहा है। बीमारी के बढ़ते वक्त लॉकडाउन हटाया रहा है, इसके नतीजे उम्मीद के एकदम उलट हैं। हम सरकार और प्रधानमंत्री से पूछना चाहते हैं कि अब आपका प्लान बी क्या है। इससे आगे अब कैसे बढ़ना है।
केंद्रीय मंत्री का पलटवार
राहुल गांधी के इस आरोप पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा, राहुल गांधी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने लॉकडाउन को लेकर जो बयान दिया गया वो गलत है। केंद्रीय मंत्री ने विश्व के कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा, दुनिया के शीर्ष 15 देशों की कुल आबाद 142 करोड़ है जबकि भारत की आबाद 137 करोड़ है। अब तक इन 15 देशों में 3 लाख 43 हजार से ज्यादा लोग महामारी से मारे जा चुके हैं। वहीं, भारत में 4 हजार के आसपास मौतें हुई हैं।
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, राहुल गांधी सिर्फ झूठ फैला रहे हैं, अभी कोरोना वायरस से लड़ने का एकमात्र उपाय लॉकडाउन है क्योंकि महामारी की कोई भी वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है। राहुल गांधी देश की एकता को तोड़ने वाले लोगों को बधाई दे रहे हैं जो पूरी तरह से गलत है। भारत में जब से कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हुआ है तब से राहुल गांधी कोविड-19 के खिलाफ देश के संकल्प को इस लड़ाई के मामले में कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
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