Rahul Gandhi: नरवणे की किताब पर फिर बोले राहुल गांधी, कहा-झूठ बोल रहे रक्षा मंत्री, पीएम पर भी लगाए आरोप
Rahul Gandhi: संसद के मौजूदा सत्र में जारी भारी हंगामे और गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार ज्वलंत मुद्दों, महत्वपूर्ण बजट चर्चाओं और संवेदनशील किताबों पर बहस से जानबूझकर बच रही है। राहुल ने सत्ता पक्ष पर विपक्ष की आवाज दबाने और चर्चा के बजाय टकराव का रास्ता चुनने का गंभीर आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का मुद्दा फिर से उठाते हुए कहा कि सरकार तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उनके इस आक्रामक रुख ने संसद से लेकर सड़क तक सियासी हलचल तेज कर दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति और धारदार बनाने वाला है।

पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर 'सेंसरशिप' का आरोप
राहुल गांधी ने सदन में एक बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि वह पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) की किताब से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य देश के सामने रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने से रोक दिया गया।
राहुल के अनुसार, पहले उनसे कहा गया कि किताब का जिक्र नहीं किया जा सकता। जब उन्होंने दूसरी प्रकाशित सामग्रियों (Published Material) का हवाला दिया, तो उस पर भी आपत्ति जताई गई। सरकार का यह कहना कि ऐसी कोई किताब मौजूद नहीं है, पूरी तरह गलत है। राहुल ने दावा किया कि उनके पास किताब और उसमें लिखी बातों के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में न आने पर राहुल गांधी ने सीधा हमला किया। उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि विपक्ष प्रधानमंत्री के प्रति आक्रामक है।
राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री सदन में इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि उनके पास असहज सवालों का कोई जवाब नहीं है।"
राहुल ने कहा कि अगर किसी ने धमकी दी है, तो सरकार को डरना नहीं चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "अगर किसी ने गलत किया है तो कार्रवाई कीजिए, FIR दर्ज कीजिए और गिरफ्तारी कीजिए।"
बजट और विदेशी व्यापार समझौतों पर चिंता
राहुल गांधी का सबसे गंभीर आरोप यह है कि सरकार बजट 2026 पर खुली चर्चा से भाग रही है। उनके मुताबिक, इसके पीछे एक बड़ी वजह विदेशी व्यापार समझौते (Foreign Trade Agreements) हैं।
विपक्ष का मानना है कि इन समझौतों का सीधा और नकारात्मक असर देश के किसानों पर पड़ सकता है। राहुल ने मांग की कि सरकार को इन समझौतों और बजट के प्रावधानों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, न कि चर्चा से मुंह मोड़ना चाहिए।












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