'बिहार में होगी वोटों की मैच फिक्सिंग, राहुल का 'धांधली डिटेक्टर' ऑन, बताने लगे कैसे चोरी किए जाते हैं चुनाव!

Rahul Gandhi News: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चोरी करके महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 जीतने का जैसे ही आरोप लगाया, सियासत में भूचाल आ गया। राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर बताया है कि कैसे 5 स्टेप में 'चुनाव को चुराया जा रहा है'। राहुल गांधी ने साफ-साफ कहा कि 'महाराष्ट्र में 'मैच फिक्सिंग' से चुनाव जीता गया है और अब अगला नंबर बिहार का है।'

राहुल गांधी का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को जवाब मांगना होगा। उन्होंने लोगों से गुजारिश कि वे "मैच फिक्सिंग" जैसे चुनाव को सहन न करें क्योंकि यह लोकतंत्र को भीतर से खोखला कर देता है। यहां हम आपको साफ-साफ बता देना चाहते हैं कि राहुल गांधी के इन आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। लेकिन अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या राहुल गांधी सच में लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रहे हैं, या आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्होंने एक सियासी चाल चली है। ऐसे में आइए इनके पोस्ट के मायने समझने की कोशिश करते हैं...

Rahul Gandhi News

🔴 क्या राहुल गांधी बिहार चुनाव से पहले नैरेटिव सेट कर रहे हैं?

2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की सत्ता में वापसी के बाद अब राजनीतिक निगाहें बिहार विधानसभा चुनाव पर टिक गई हैं। हालांकि अभी चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, मगर राहुल गांधी "मैच फिक्सिंग" और "चुनाव चुराने" जैसे आरोप लगाकर एक बार फिर नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा अब बिहार में चुनावी 'मैच फिक्सिंग' की तैयारी कर रही है। लेकिन राज्य में अभी तक चुनावों की तारीख भी तय नहीं हुई है। ऐसे में यह बयान न केवल असमय है, बल्कि राज्य की जनता की राजनीतिक समझ का भी अपमान है।

राहुल गांधी बीते 5 महीनों में पांच बार बिहार जा चुके हैं...इन दौरों के बाद उन्हें अंदाजा हो गया है कि बिहार में इस बार कांग्रेस का हाल क्या होने वाला है? गयाजी में कई महिलाओं ने राहुल गांधी से संवाद के दौरान नीतीश सरकार के प्रति संतोषजनक बातें कही हैं। ये संवाद कल 6 जून को ही हुई थी। उसके बाद राहुल गांधी ने आज 7 जून को 13 भाषा और 15 अखबारों में लेख लिख डाला।

इन्ही सब को देखते हुए राहुल गांधी ने एक सेफ साइड चलते हुए 'धांधली डिटेक्टर' ऑन कर दिया है और ये पहले ही कह दिया है कि बिहार चुनाव में भाजपा वोटों की चोरी करेगी। लेकिन यही कांग्रेस जब कोई चुनाव जीत जाती है तो उनके लिए सबकुछ ठीक हो जाता है। राहुल गांधी का महज ये सिर्फ एक आरोप नहीं है...वो एक संगठित नैरेटिव बिल्डिंग की शुरुआत कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के अंदर ही कई नेता राहुल गांधी की इस "आरोप आधारित राजनीति" से असहज हैं। कुछ का मानना है कि बार-बार बिना साक्ष्य के दिए गए आरोप पार्टी की साख को ही कमजोर कर रहे हैं।

राहुल गांधी की ये रणनीति अब बार-बार दोहराई जा रही है- चुनाव से पहले संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना, EVM पर सवाल उठाना, और हार की स्थिति में 'लोकतंत्र खतरे में' का नारा देना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का नैरेटिव साफ है- अगर हार हो तो सिस्टम पर सवाल, और अगर जीत हो तो 'जनता का आदेश'।

🔴बिहार की राजनीति में कितना असर?

बिहार एक राजनीतिक रूप से जटिल राज्य है जहां जातीय समीकरण, विकास की राजनीति और गठबंधनों की ताकत सब मिलकर चुनाव परिणाम तय करते हैं। ऐसे में राहुल गांधी का "मैच फिक्सिंग" वाला नैरेटिव जनता दिमाग में संदेह और अविश्वास पैदा करने की कोशिश है।

राहुल गांधी का यह बयान यह संकेत देता है कि कांग्रेस अभी से बिहार चुनाव के लिए "संदेह का नैरेटिव" गढ़ रही है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा है कि कांग्रेस अभी भी जनमत के भरोसे नहीं, बल्कि विवादों के सहारे वापसी की राह तलाश रही है। कांग्रेस का बिहार में जिस तरह से ग्राफ गिरा है, उनके लिए ये चुनाव करो या मरो जैसी स्थिति है।

बिहार के पिछले कुछ विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति कुछ इस तरह रही है...

  • 1985 - कांग्रेस: 196 सीटें
  • 1990 - कांग्रेस: 71 सीटें
  • 1995 - कांग्रेस: 29 सीटें
  • 2000 - कांग्रेस: 23 सीटें
  • 2005 (Feb) - कांग्रेस: 10 सीटें
  • 2005 (Oct) - कांग्रेस: 9 सीटें
  • 2010 - कांग्रेस: सिर्फ 4 सीटें
  • 2015 - RJD-JDU गठबंधन में कांग्रेस: 27 सीटें
  • 2020 - कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ी, जीती सिर्फ 19

🔴 राहुल गांधी का 5-स्टेप मैनुअल, समझाया चुनाव कैसे चुराए जाते हैं

राहुल गांधी के मुताबिक महाराष्ट्र में चुनाव ''चुराने'' की प्रक्रिया सुनियोजित थी। उनका दावा है कि...

🔵 चरण 1: चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली

नए कानून के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा की गई, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठे।

🔵 चरण 2: फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करें

2019 की तुलना में 2024 में मतदाताओं की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी हुई, जिसमें लाखों संदिग्ध वोटर्स का नाम जोड़ा गया।

🔵 चरण 3: मतदान प्रतिशत बढ़ाएं

मतदान के बंद होने के बाद भी अचानक 7.83% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सामान्य प्रक्रिया से मेल नहीं खाती।

🔵 चरण 4: फर्जी वोटिंग को टारगेट करना, जहां भाजपा को जीतना है

भाजपा समर्थक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट डाले गए, जिससे स्थानीय परिणामों पर असर पड़ा।

🔵 चरण 5: सबूतों को छुपाना

CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स तक पहुंच सीमित कर दी गई, ताकि कोई स्वतंत्र जांच न हो सके।

राहुल गांधी ने इसके साथ ही दावा किया,

''यह समझना मुश्किल नहीं है कि महाराष्ट्र में भाजपा इतनी हताश क्यों थी। लेकिन धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है -जो पक्ष धोखा देता है वह खेल जीत सकता है, लेकिन संस्थानों को नुकसान पहुंचाता है और नतीजों में जनता का विश्वास खत्म करता है। ऐसे में सभी भारतीयों को सबूत देखना चाहिए। खुद ही फैसला करें। जवाब मांगें...क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी, और फिर जहां भी भाजपा हार रही है। मैच फिक्सिंग चुनाव किसी भी लोकतंत्र के लिए जहर है।''

🔴 चुनाव आयोग ने कहा- राहुल गांधी के आरोप कानून के शासन का अपमान हैं

चुनाव आयोग ने कहा,

"महाराष्ट्र की मतदाता सूची के खिलाफ लगाए गए निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान हैं। चुनाव आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को दिए गए अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे, जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद हैं। ऐसा लगता है कि बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते समय इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।''

चुनाव आयोग ने कहा,

"किसी के द्वारा फैलाई गई कोई भी गलत सूचना न केवल कानून के प्रति अनादर का संकेत है, बल्कि उनके राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त हजारों प्रतिनिधियों की भी बदनामी करती है और लाखों चुनाव कर्मचारियों का मनोबल गिराती है जो चुनावों के दौरान अथक और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं। मतदाताओं द्वारा किसी भी प्रतिकूल फैसले के बाद, यह कहकर चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश करना पूरी तरह से बेतुका है।"

🔴 भाजपा ने कहा- बिहार चुनाव में हार की डर से राहुल कर रहे हैं ये सब

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा,

"वे (राहुल गांधी) अब तक सेना पर निशाना साध रहे थे, फिर उन्होंने सांसदों पर निशाना साधा, अब संवैधानिक संस्थाओं की बारी है... उन्हें (राहुल गांधी) लगता है कि उनकी पारिवारिक संस्था, संवैधानिक संस्थाओं के ऊपर है। अगर वे कोर्ट में केस हारते हैं तो कोर्ट खराब है, केस जीते तो कोर्ट ठीक। चुनाव हारे तो चुनाव आयोग खराब, चुनाव जीते तो चुनाव आयोग ठीक। चुनाव आयोग द्वारा करवाए गए चुनाव तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और बंगाल में ठीक होते हैं लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा में गड़बड़ हो जाती है। महाराष्ट्र चुनाव के विषय में बहुत विस्तार से चुनाव आयोग ने हर एक बिंदु पर जवाब दिया है... चुनाव आयोग ने ये भी बताया कि कैसे पूरी चुनावी प्रक्रिया में कांग्रेस के लोग भी शामिल होते हैं... पूरी दुनिया में जब चुनाव आयोग का डंका है तो राहुल गांधी एक शंका बनाकर रखना चाहते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि आने वाले चुनाव भी वे (कांग्रेस) हारने वाले हैं इसलिए कोई बहाना बनाकर तो रखना जरूरी है।''

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+