'सरकार डरती है, लेकिन जातीय सर्वे हम कराएंगे, देंगे MSP गारंटी', लोकसभा में राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा
Parliament Session Rahul Gandhi: संसद के मानसून सत्र का सोमवार को नौंवां दिन है। आज सदन में दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठा। इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा हुई। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केंद्रीय बजट के विषय पर सरकार पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने पने भाषण में कहा कि हम आपके चक्रव्यूह को तोड़ेंगे। जातीय जनगणना आपको डराती है, किंतु इंडीया गठबंधन जातीय जनगणना करावाएगा और इसी तरह हम किसानों को एमएसपी की गारंटी देंगे, फिर चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं।

राहुल गांधी ने बजट पेश किए जाने से पूर्व वित्त मंत्रालय में आयोजित पारंपरिक हलवा समारोह का पोस्टर दिखाते हुए कहा कि इस फोटो में बजट का हलवा बांटा जा रहा है। मुझे इसमें एक भी अन्य पिछड़ा वर्ग, आदिवासी या दलित अधिकारी नहीं दिख रहा। देश का हलवा बन रहा है और 73 प्रतिशत है ही नहीं। 20 अफसरों ने भारत का बजट तैयार किया। हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों में बांटने का कार्य किया गया है। राहुल गांधी के इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन मुस्कुराहट और हैरानी व्यक्त करती दिखाई दीं।
अपने भाषण में लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को अग्निपथ योजना के चक्रव्यूह में फंसाया गया है । किसानों ने सरकार से क़ानूनी गारंटी योजना मांगी थी, किंतु सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी। किसान लंबे समय से सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं। गुजरे दिनों वे मुझसे मिलने आए, लेकिन उन्हें यहां आने नहीं दिया गया। राहुल ने आगे कहा कि यदि सरकार बजट में एमएसपी का प्रावधान कर देती है, तो किसान इस चक्रव्यूह से निकल सकते थे। मैं विपक्षी गठबंधन की ओर से कहना चाहता हूं कि हमारी सरकार बनने पर किसानों को एमएसपी दी जाएगी
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे आशा थी कि बजट इस चक्रव्यूह की ताकत को कम करेगा, देश के किसानों की सहायता करेगा, युवाओं को फायदा देगा, मजदूरों की मदद और छोटे व्यापारियों को फायदा देगा, लेकिन बजट में बड़े उद्योगों को लाभ देने का प्रावधान किया गया है। देश में एमएसएमई बड़े पैमाने पर रोजगार देता है, किंतु नोटबंदी, जीएसटी और कर आतंकवाद से एमएसएमई पर हमला किया गया।
राहुल ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात शायद एक मजाक था। यह इंटर्नशिप देश के बड़ी कंपनियों में दी जाएगी, किंतु इससे युवाओं को कोई लाभ नहीं होगा। युवाओं का आज का प्रमुख मुद्दा पेपरलीक है।' राहुल गांधी ने कहा कि गुजरे 10 वर्षों में 70 बार इस देश में पेपरलीक की घटना हुई है।
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राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि 'हजारों वर्ष पहले कुरूक्षेत्र में 6 लोगों ने अभिमन्यु को 'चक्रव्यूह' में फंसा कर मारा था। मैंने थोड़ा शोध किया और पता चला कि 'चक्रव्यूह' का दूसरा नाम होता है 'पद्मव्यूह',जिसका अर्थ है 'कमल निर्माण'।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि चक्रव्यूह' कमल के फूल के आकार का है। 21वीं सदी में कमल के फूल के रूप में तैयार एक नया चक्रव्यूह रचा गया है। जिसका चिन्ह प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो हुआ था, वह भारत के साथ किया जा रहा है। युवा, किसान, महिलाएं, छोटे और मध्यम व्यवसाय के साथ वही व्यवहार किया जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'भारत में भी का माहौल है और यह डर हमारे देश के हर पहलू में व्याप्त है।












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