पुणे हिंसा पर बोले राहुल गांधी, आरएसएस और भाजपा दलितों को दबा रहे हैं
नई दिल्ली। पुणे में दो गुटों के बीच हिंसा पर राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि आरएसएस और बीजेपी दलितों को समाज में सबसे नीचे पायदान पर रखना चाहती है। ऊना, रोहित वेमुला और भीमा कोडेगांव की हिंसा दलितों के प्रतिरोध के उदाहरण हैं। सोमवार को पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भीमा-कोरेगांव में 31 दिसंबर को इस कार्यक्रम में विधायक जिग्नेश मेवानी भी शामिल हुए थे। पुणे, मुंबई और औरंगाबाद समेत कई शहरों में दलितों और हिंदूवादी संगठनों के लोग आमने-सामने हैं। हिंसा में काफी तादाद में गाड़ियों को आग लगाई गई है।

ये है टकराव की वजह
करीब 200 साल पहले हुई भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवा की सेना को पराजित किया था, इस जीत का जश्न दलित नेता मनाते हैं क्योंकि इतिहास के मुताबिक ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से महार समुदाय के सैनिकों ने युद्द लड़ा था क्योंकि वो उस वक्त वे अछूत माने जाते थे, उन्हें समाज में काफी तिरस्कार भरी नजरों से देखा जाता था, हालांकि इस कार्यक्रम का विरोध दक्षिणपंथी समूहों की ओर से किया जाता रहा है, उन्हें 'ब्रिटिश जीत' के जश्न पर आपत्ति है।

सीएम फडणवीस ने न्यायिक जांच के आदेश दिए
इस मामले में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने न्यायिक जांच की अपील की बात कही है, उन्होंने कहा है कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर करीब तीन लाख लोग आए थे, हमने पुलिस की 6 कंपनियां तैनात की थी, कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने के लिए हिंसा फैलाई है, इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मृतक के परिवार वालों को 10 लाख के मुआवजा दिया जाएगा, युवा की मौत मामले में सीआईडी जांच करेगी।

कई जिलोंं का माहौल तनावपूर्ण
महाराष्ट्र के पुणे में दंगे जैसी स्थिति होने से काफी तनावपूर्ण माहौल हो गया। पुणे-नगर मार्ग पर सणसवाडी इलाके में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किया गया और 40 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। सुबह 11 बजे के करीब यह घटना घटी जिसकी वजह से काफी तनावभरा माहौल था। परिस्थिति को कंट्रोल करने के लिए सीआरपीएफ की टुकड़ी भेजी गई है। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है लेकिन इलाके में तनावभरा माहौल है। हिंसा का असर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी देखा जा रहा है, ऐसी खबरें हैं कि नफरत की चिंगारी पड़ोसी जिलों में भी पहुंची हैं, जिसकी वजह से आज मुंबई के अलावा, हड़पसर और फुरसुंगी में बसों पर उग्र लोगों ने जमकर पथराव किया है और सड़क पर खड़ी खाली बसों में तोड़फोड़ की है।












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