'इंडिया शाइनिंग' की राजनीति ने गरीबों की चीख नहीं सुनी: राहुल गांधी

उन्होने कांग्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस युवाओं की पार्टी है, महिलाओं की पार्टी है और हम आम आदमी का विकास करना चाहते हैं और गरीब को मजबूत बनाना चाहते हैं। जबकि भाजपा अमीरों की पार्टी है, उद्योगपतियों की पार्टी है। अगर विकास की बात करें तो भाजपा ने जितनी सड़कें बनाई उससे तीन गुना ज्यादा सड़कें हमने बनाई। हमने गरीबों को रोजगार दिया और अब खाद्य सुरक्षा बिल लेकर आये हैं, जिसमें हर व्यक्ति को एक रूपये किलो अनाज मिलेगा। हमने भूमि अधिग्रहण बिल को लाने में संघर्ष किया जिससे कि किसानों से जमीन ली जानें पर उन्हें इसका चार गुना मुआवजा मिले।
राहुल ने कहा कि मैं यहां 2008 में आया था। आपके साथ काम किया, आपके यहां का पानी पिया। पेट खराब हुआ तो अच्छा लगा, मैं जानना चाहता था कि यहां की सरकार आम जनता के लिए क्या कर रही है। गरीब किन हालातों में रहता है। हम गरीबों के लिए काम करते हैं। उनके दर्द को अपना समझते हैं और उन्हें ताकतवर बनाना चाहते हैं।
राहुल ने किसान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह खेत में काम करता है, उसका पसीना जमीन पर गिरता है, वह टीवी पर हवाई जहाज देखता है, चमकती गाडि़यों को देखता है और सोंचता है कि मैं तो दूर मेरा बेटा या पोता भी इन गाडि़यों पर नहीं बैठ सकता है, पर कांग्रेस पार्टी चाहती है कि किसान का बेटा भी प्लेन में बैठे। हम गरीबों को समृद्ध करना चाहते हैं। भाजपा अगर विकास की राजनीति कर रही है तो हम अधिकार की राजनीति कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमें अब मिलकर लड़ना होगा और आम आदमी, महिलाओ और गरीबों की सरकार बनानी होगी।

राहुल कल चुरू में थे
राहुल ने कल चुरू की जनता के सामने भावुक भाषण दिया और बताया कि आखिर वे क्यों भाजपा और उसकी राजनीति के खिलाफ हैं। राहुल के हमले से बिफरी भाजपा ने कहा कि देश की मौजूदा समस्याओं का कोई समाधान उनके पास नहीं है। वह जनता को भावुक कर वोट करना चाहते हैं।

जनता में गुस्सा भरा जाता है
राजस्थान के चुरू में एक चुनावी रैली में लोगों से 'दिल की बात' साझा करते हुए राहुल ने कहा कि गुस्सा लोगों के भीतर छुपा रहता है। इसे स्पष्ट करने के लिए उन्होंने अपनी दादी की हत्या के समय की घटनाओं के साथ हाल ही में पंजाब के एक विधायक के साथ हुई बातचीत को सुनाया। गांधी ने कहा कि हाल ही में पंजाब के एक विधायक मेरे पास कमरे में बैठे थे। राहुल ने कहा, "विधायक ने मुझे कहा कि यदि मैं 20 वर्ष पहले उनसे मिला होता तो वे मेरी हत्या कर देते। लेकिन अब वे मुझे गले लगाना चाहते हैं। मैंने जो निष्कर्ष निकाला वह यह है कि कोई भी जन्म से ही क्रोधी नहीं होता। गुस्सा राजनीतिक दल भरते हैं। गुस्से को ठंडा होने में वर्षो लग जाते हैं, लेकिन मिनटों में इसको भड़काया जा सकता है। यही वह वजह है कि मैं भाजपा और उसकी राजनीति के खिलाफ हूं।"

पारिवारिक दुख बांटा
गुस्सा और उसकी वजह को समझाने के लिए उन्होंने अपनी दादी और पिता की हत्या के बाद उनपर क्या गुजरी उसका जिक्र किया।

मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र किया
उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित मुजफ्फरनगर के लोगों की तुलना खुद से की। उन्होंने कहा कि वे दुख और अवसाद को समझ सकते हैं क्योंकि उनकी दादी और पिता की भी हत्या हुई थी।

अपने स्कूली दिनों की बात बताई
राहुल ने याद दिलाया, "मैं अपने स्कूल में अपनी कक्षा में था तभी किसी ने वहां आकर मेरे शिक्षक के कान में कुछ कहा। उसके बाद मेरे शिक्षक ने मुझसे तुरंत घर जाने के लिए कहा। मैंने प्रिसिंपल के कार्यालय से घर फोन किया। मुझे अपनी नौकरानी के रोने की आवाज सुनाई दी। मुझे बताया गया कि मेरी दादी के साथ कुछ अप्रिय घटित हुआ है।"












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